जानिए अपने बच्चों को लेकर बेहद खतरनाक बातें, आपके लिए हैं ज़रूरी

May 16, 2017
जानिए अपने बच्चों को लेकर बेहद खतरनाक बातें, आपके लिए हैं ज़रूरी

बच्चों को समझना और बच्चों की जिम्मेदारी मां-बाप का सबसे पहला कर्तव्य और फर्ज है अगर आपका बच्चा भावनात्मक स्तर पर किसी वजह से परेशान है। यह बिगड़ा हुआ है या आपको कुछ ऐसा करके दिखाता है जो दूसरों से उसे अलग करता है तो आप उसे समझें यह आप का सबसे पहला फर्ज और कर्तव्य है। जैसे कुछ बच्चे बिस्तर गीला कर देते हैं अंगूठा चूसते हैं नाखूनों को दांत से काटते हैं बात करने में हिचकिचाते हैं हमेशा उदास रहते हैं दूसरों से नजरें नहीं मिला पाते उन्हें कोई भी बात बताने और बोलने में तकलीफ होती है सोने में उन्हें तकलीफ होती है उन्हें बाहर किसी के साथ खेलने नहीं पसंद किसी चीज के लिए बहुत ज्यादा जिद करते हैं अपने बारे में हमेशा नकारात्मक ही सोचते हैं किसी बात का उन्हें फोबिया होता है कुछ शर्मीले स्वभाव के होते हैं इस तरह के बहुत सारे संकेत बच्चे देते हैं।

इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास दोनों का दोनों दोनों धीमी हो जाता है इसलिए आपका फर्ज बनता है कि आप इन सब संकेतों को समझें और उसको उसका निदान करने के बारे में सोचें।

बच्चों की भावनाओं को जब ठेस लगती है तो उससे उभर पाना मुश्किल हो जाता है बच्चों को उससे बाहर निकलने में काफी लंबे समय लग जाता है। और कभी-कभी वह इसे उभर कर बाहर भी नहीं आ पाते। जिसका असर उन्हें उनका जवानी में हमें दिखाई देता है जब किसी गलत रास्ते पर चल देते हैं इसलिए इसका समय रहते इलाज करना बहुत ही जरुरी रहता है इसका प्रभाव कुछ इस तरह से दिखाई देता है।

बच्चे का डिप्रेशन में चले जाना
रिश्तेदार रिश्तेदारों से दूर भागना
बिना बात के हर बार डर जाना
किसी को अपनी भावनाओं के बारे में अच्छे से नहीं बता पाना
किसी पर क्या खुद पर भी भरोसा ना होना हमेशा हर किसी को शक की नजर से देखना और हमेशा अपने आप को दूसरे से कम समझना

ऐसे में पेरेंट्स को क्या करना चाहिए
बच्चों का मन बहुत ही शांत सरल और सहज होता है परंतु उतना ही जटिल भी होता है।।बच्चे चाहते हैं कि अगर उनके मां बाप उनकी सफलता पाने पर जितना खुश होते हैं और उन्हें स्वीकार करते हैं उतना ही जब वह असफल होते हैं तो उस बात को भी अपना ले। क्योंकि सफल और असफल दोनों ही जिंदगी के दो पहलू है जिसे दोनों को ही अपनाना चाहिए।

बच्चे चाहते हैं कि वह अपने मां-बाप से हर बात खुल कर कहे परंतु कुछ परिस्थितियां ऐसी हो जाती है कि वह अपने मां-बाप से इतना डर जाते हैं कि बड़े से बड़ा गलत कदम उठाने पर भी वह उनसे बता नहीं पाते। इसलिए पेरेंट्स को चाहिए कि वह बच्चों के साथ ऐसा दोस्ताना व्यवहार रखे कि उनके बच्चे उसे डरे ।परंतु इतना भी नहीं कि वह अपनी बड़ी से बड़ी गलतियां कर भी उनको नहीं बता पाए।

पैरेंट्स को चाहिए कि उनकी हर एक इच्छा का सम्मान करें। उनको हमेशा डांटने की वजह कभी कभी उनको प्रेक्टिकली अच्छे से समझाए। ताकि वह जिंदगी में संभल सके। आपकी हर एक बात और थप्पड़ उस समय तो आप पर असर नहीं दिखाएगी परंतु जब वह बड़े होंगे तो वह सब गलत रास्ते पर चलेंगे। तब आपको इस बात का अफसोस होगा कि काश मैंने उन्हें बचपन में समझाया होता।

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>