आफिस इन प्राफिट केस की याचिका कर केजरीवाल के 21 विधायकों की सदस्यता खतरे में डालने वाले वकील को खतरा

Oct 15, 2016
आफिस इन प्राफिट केस की याचिका कर केजरीवाल के 21 विधायकों की सदस्यता खतरे में डालने वाले वकील को खतरा
दिल्ली में जो विधायक मंत्री नहीं बन सके, उन्हें केजरीवाल सरकार ने संसदीय सचिव बनाकर मंत्रियों जैसी सुविधाएं देनी शुरू कर दी। विधायकों को खुश करने के इस तरीके पर याचिका दाखिल कर 21 विधायकों की सदस्यता खतरे में डालने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के 28 वर्षीय वकील प्रशांत उमराव को खतरा महसूस हो रहा है। ऑफिस इन प्राफिट केस का खुलासा करने वाले इस युवा वकील ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर खुद को खतरा बताया है। कहा है कि विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि आम आदमी पार्टी ने कुछ लोगों को मेरे पीछे लगा रहा है। अगर कुछ होता है तो इसके लिए केजरीवाल जिम्मेदार होंगे।
प्रशांत ने दाखिल की है याचिका
प्रशांत पटेल ही वह वकील रहे जिन्होंने केजरीवाल सरकार पर अपने 21 विधायकों को नियम विपरीत लाभ पहुंचाने के मकसद से संसदीय सचिव का पद देने का मामला सबसे पहले उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग के सामने याचिका दाखिल की थी। जिस पर आयोग ने बीते 16 मार्च को केजरीवाल सरकार को नोटिस जारी कर 11 अप्रैल तक स्पष्टीकरण देने को कहा। मगर विधायकों ने जवाब नहीं दिया। जिस पर दस मई तक फिर मौका मिला। सरकार ने आधा-अधूरा जवाब दिया, मगर आयोग संतुष्ट नहीं हुआ। आगे कई दफा सुनवाई करते हुए अब गेंद चुनाव आयोग के पाले में है। कभी भी 21 विधायकों की सदस्यता खारिज हो सकती है।
अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे
लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>