ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका, एमसीडी चुनाव टलने चाहिए : केजरीवाल

Apr 04, 2017
ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका, एमसीडी चुनाव टलने चाहिए : केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को एक बार फिर निर्वाचन आयोग पर बरसे। उन्होंने इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छेड़छाड़ की आशंका को दोहराया और कहा कि अगर मतपत्रों के इस्तेमाल के लिए जरूरी हो तो दिल्ली नगर निगम चुनावों को टाल दिया जाना चाहिए। निर्वाचन आयोग द्वारा ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज करने और गोवा व पंजाब चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) की हार के लिए आत्म विश्लेषण करने के लिए कहने के एक दिन बाद आप नेता ने यह प्रतिक्रिया दी है।

मध्य प्रदेश में एक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से कथित छेड़छाड़ का हवाला देते हुए आप नेता ने कहा कि ईवीएम उत्तर प्रदेश से आई थी और इससे भाजपा के इस राज्य में चुनाव में भारी जीत पर सवाल खड़ा हुआ है।

केजरीवाल ने कहा कि 9 अप्रैल को मध्य प्रदेश में होने वाले उप चुनाव में सभी ईवीएम (300 ईवीएम) उत्तर प्रदेश के गोविद नगर निर्वाचन क्षेत्र से मंगाई गईं हैं। उन्होंने जानना चाहा कि गोविद नगर से मंगाई गईं इन मशीनों ऐसी आखिर क्या खास बात है?

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्यदेव पचौरी को उत्तर प्रदेश के गोविंदनगर में 70,000 मतों से भारी जीत मिली थी।

केजरीवाल ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने खुद अपने नियमों का उल्लंघन किया है, जिनमें कहा गया है कि एक चुनाव में इस्तेमाल की गई ईवीएम का 45 दिनों तक दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, क्योंकि नतीजों के खिलाफ अगर कोई याचिका दायर करता है तो उन ईवीएम की जांच फिर से करनी पड़ सकती है।

उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में इस्तेमाल की गई मशीनों का प्रयोग 26 अप्रैल तक नहीं किया जा सकता। मैं आश्चर्यचकित हूं कि निर्वाचन आयोग को इन मशीनों के इस्तेमाल के लिए किसने मजबूर किया।”

उन्होंने कहा, “इससे निर्वाचन आयोग की मंशा पर भी सवाल पैदा होता है।”

दिल्ली में 23 अप्रैल को नगर निगम चुनाव के साथ दिल्ली विधानसभा की राजौरी गार्डेन सीट पर उपचुनाव होने हैं। केजरीवाल ने कहा कि राजौरी गार्डेन में इस्तेमाल होने वाली ईवीएम उत्तर प्रदेश से लाई गईं हैं।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली नगर निगम चुनाव में पारदर्शिता की गारंटी के लिए मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मुझे मतपत्र के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं दिख रहा है। अधिकांश विकसित देशों ने ईवीएम को खारिज कर दिया है और मतपत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं। आखिर क्यों?”

उन्होंने कहा कि मतपत्रों का इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए जरूरत पड़े तो नगर निगम चुनाव को टाल दिया जाना चाहिए।

इससे पहले ईवीएम के खराब होने का पता ऐसे चल जाता था कि मतदाता जिस पार्टी के लिए बटन दबाता था तो लाइट नहीं जलती थी। इस तरह से मतदाता समझ जाता था कि मशीन में गड़बड़ी है।

केजरीवाल ने कहा, “लेकिन, अब लाइट तो सही से जलती है लेकिन वोट भाजपा के पक्ष में लगी चिप में दर्ज हो जाता है।”

उन्होंने कहा, “इसलिए बिना वीवीपीएटी (पेपर ट्रेल) के ईवीएम की जांच नहीं की जा सकती कि क्या वे गड़बड़ हैं या नहीं।”

केजरीवाल ने कहा कि यदि ईवीएम से छेड़छाड़ होती है तो पूरी निर्वाचन प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ जाती है।

उन्होंने कहा, “लोगों का पहले ही चुनावी प्रक्रिया में विश्वास कम हो रहा है। वे पूछ रहे है वोटिंग का क्या उपयोग है, यदि यही चलता रहा तो लोग मतदान करना बंद कर देंगे।”

केजरीवाल ने निर्वाचन आयोग से कहा कि वह लोगों को बताए कि ईवीएम कौन सा साफ्टवेयर लगा है और इनमें लगी चिप किस कंपनी की बनाई हुई है।

उन्होंने यह भी कहा कि ‘मध्य प्रदेश की दोषपूर्ण एक ईवीएम’ को 72 घंटे के उनकी पार्टी को दे दिया जाए।

उन्होंने कहा, “हमारे पास विशेषज्ञ हैं, जो यह जांच करेंगे कि चिप पर दोबारा लिखा जा सकता है या नहीं।”

उन्होंने कहा, “चिप के सॉफ्टवेयर को बदला जा सकता है। यह बड़े पैमाने पर हो रहा है।”

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