कशमीर: NIT में बढ़ता तनाव देख , केन्द्र को भेजनी पड़ी HRD की टीम

Apr 07, 2016

जम्मू कशमीर में श्रीनगर के एनआईटी में तनाव जारी है.गैर कश्‍मीरी छात्राओं ने कहा है कि कश्‍मीरी छात्रों ने उन्‍हें रेप और करियर खराब करने की धमकी दी है.

दूसरे राज्यों के छात्रों ने संस्थान को कश्मीर से बाहर स्थानांतरित करने, लाठीचार्ज में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने सहित मांग की है कि उन्‍हें मुख्य गेट पर हर रोज तिरंगा फहराने की इजाजत दी जाए.

राज्य सरकार ने इंजीनियरिंग संस्थान को आश्वासन दिया है कि अन्य राज्यों के छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. इस दौरान छात्रों को सुरक्षा का एहसास दिलाने के लिए परिसर में सीआरपीएफ को तैनात कर दिया गया है.

परिसर में आंदोलन कर रहे दूसरे राज्यों के छात्रों पर स्थानीय पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय का तीन सदस्यीय दल कैंपस का जायजा ले रहा है. उन्होंने परिसर में तनाव समाप्त करने के लिए आंदोलनरत छात्रों से बात की है. एचआरडी दल यहां 11 अप्रैल तक रुकेगा.

छात्रों ने दल को बताया कि उनकी पहली मांग यह है कि एनआईटी को यहां से स्थानांतरित किया जाए. उन्होंने कहा कि हम पहले तो घर जाना चाहते हैं और उसके बाद आप हमें जहां स्थानांतरित करेंगे, हम वहां चले जाएंगे. छात्रों का कहना है कि शुक्रवार को झड़प के दौरान पुलिस ने उनसे राष्ट्रीय ध्वज ले लिया. उनकी मांग है कि वह उन्हें वापस लौटाया जाए.

छात्रों ने कहा कि उन पर लाठी चार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. उन्होंने स्टाफ के कुछ सदस्यों के इस्तीफे की मांग भी की ताकि वह किसी छात्र के भविष्य से खिलवाड़ न कर सकें.

जांच का आदेश

इस बीच मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि उन्होंने जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से मामले को लेकर बात की है, जिन्होंने सभी छात्रों की सुरक्षा का भरोसा दिलाया है. ईरानी के अनुसार महबूबा ने उन्हें आश्वासन दिया कि एनआईटी परिसर में हुई झड़पों की जांच का आदेश दे दिया गया है.

ईरानी ने कहा कि विभाग आंदोलनरत छात्रों और उनके परिजन के संपर्क में हैं. एक या दो छात्रों ने कहा है कि वह वापस घर जाना चाहते हैं, जिसके लिए इंतजाम किए जा रहे हैं.

वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि उन्होंने इस बारे में महबूबा से बात की है और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि सभी छात्र सुरक्षित हैं और वह इस बात का पता लगाएंगी कि परिसर में इस तरह की घटना क्यों हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

गौरतलब है कि प्रसिद्ध डल झील के किनारे स्थित इस परिसर में पिछले सप्ताह भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मैच के बाद तनाव फैल गया. इस मैच में भारत की हार के बाद कुछ स्थानीय छात्रों ने खुशियां मनाई और पटाखे फोड़े. इसका दूसरे राज्यों के छात्रों ने विरोध किया, नतीजतन दोनो पक्षों में झड़पें हुई.

राजनीतिक दलों ने बुलाया  जम्‍मू बंद

एनआईटी में एचआरडी मंत्रालय के अफसरों और छात्रों के बीच हुई बैठक की विफलता के बाद संस्थान में तनाव बना हुआ है. राज्य सरकार जहां इस मामले को लेकर डैमेज कंट्रोल में लगी हुई है. वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियों पैंथर्स पार्टी, शिवसेना समेत कई छोटे राजनीतिक दलों ने जम्मू बंद बुलाया है.

बंद के दौरान नेशनल पैंथर्स पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह प्रदर्शन भी किए. जम्मू बार एसोसिएशन गुरवार को दूसरे दिन भी इस मामले को लेकर हड़ताल पर रहेगी.

बाहर के रहने वाले छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और अब एनआईटी को कश्मीर से शिफ्ट करने की मांग भी कर रहे हैं. साथ ही संस्थान के कुछ टीचर और कर्मचारियों के इस्तीफे और जम्मू-कश्मीर पुलिस को संस्थान के अंदर से हटाने की भी मांग कर रहे हैं.

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