कमलनाथ पर 1984 दंगो में शामिल होने का आरोप, इस्तीफे के बाद , शीला दीक्षित होगी पंजाब में कांग्रेस की प्रभारी

Jun 16, 2016

पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावो में कांग्रेस ने शीला दीक्षित को कमान सौपी है. इससे पहले कमलनाथ को यह जिम्मेदारी सौपी गयी थी. लेकिन 1984 में हुए सिख दंगो में कमलनाथ का नाम आने से विपक्ष कांग्रेस पर हमलावर हो गया. आम आदमी पार्टी और बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया की जिस व्यक्ति पर 1984 दंगो में शामिल होने का आरोप है उसी को पंजाब का प्रभारी बना कर कांग्रेस पंजाब के जख्मो पर नमक छिड़क रही है.

हरियाणा के प्रभारी बने रहेंगे

चारो तरफ से हो रही आलोचनाओ को देखते हुए कमलनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पंजाब के प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया था. कमलनाथ के इस्तीफे के बाद से शीला दीक्षित के नाम की अटकले लगनी शुरू हो गयी थी. गुरुवार को कांग्रेस के सूत्रों के हवाले से आई खबर ने इस बात की पुष्टि कर दी. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कमलनाथ के पंजाब के प्रभारी पद से दिए गए इस्तीफे को मंजूर कर लिया है लेकिन उन्हें हरियाणा के प्रभारी पद पर बने रहने के लिए कहा गया है.

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शीला दीक्षित जन्म से पंजाबी है

गौरतलब है की शीला दीक्षित का जन्म पंजाब में ही हुआ है. शीला दीक्षित केरल की राज्यपाल भी रह चुकी है. शीला दीक्षित लगातार 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रही है.

बादल ने बताया पंजाब की जनता का अपमान

कांग्रेस की आलोचना करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री बादल ने कहा था की कमलनाथ को पंजाब का प्रभारी बनाना पंजाब के लोगो का अपमान करना है. चारो तरफ से हो रही आलोचना के बाद कमलनाथ ने अपने इस्तीफे में लिखा की मैं

क्या लिखा कमलनाथ ने अपने इस्तीफे में
इस पार्टी की इतने लम्बे वक्त तक सेवा करने के लिय ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करता हूँ. इस पार्टी के साथ में अपने युवाकाल से जुदा रहा फिर पार्टी का महासचिव बना और बाद में मंत्री. लेकिन इतने सालो तक देश और पार्टी की सेवा करने के बाद भी मेरे ऊपर कोई दाग नही लगा.

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पंजाब प्रभारी बनने के बाद कुछ तत्व सिर्फ राजनीति में अपने फायदे के लिए कुछ मुद्दे उठा रहे है. विपक्ष के आरोपों के बाद जिस मजबूती से पार्टी ने मेरा समर्थन किया उससे मैं बड़ा अभिभूत हूँ. लेकिन अपने स्वार्थ के लिए मैं पार्टी का अहित नही कर सकता. इसलिए मैं पंजाब के प्रभारी पद से इस्तीफा देता हूँ.

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