कैराना मुद्दे पर बोलने की बजाय कार्य की ज्यादा जरूरत: राजनाथ

Jun 18, 2016

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कैराना जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बोलने की बजाय उन पर सावधानी से कार्य करने की ज्यादा जरूरत है.

देहरादून में एक कार्यक्रम में कैराना मुद्दे पर पूछे गये एक सवाल के उत्तर में केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा, ‘‘कैराना वाले मामले में गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट मंगवाई है और जो कार्रवाई आवश्यक होगी, वह की जायेगी. मैं समझता हूं कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर बोलने की बजाय उन पर सावधानी से कार्य करने की जरूरत है.’’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘अगर कहीं आग लगी हो, तो उसे बुझाया जाना चाहिये.’’

केंद्र की भाजपा सरकार के पहले दो वर्ष का कार्यकाल पूरे होने के मौके पर केंद्रीय मंत्रियों के देश भर में हो रहे दौरों के तहत यहां पहुंचे सिंह ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि वर्तमान सरकार के सत्ता संभालने के बाद से सीमा पार से होने वाली घुसपैठ में 50 फीसदी की कमी आयी है.

उन्होंने कहा, ‘‘पहले की अपेक्षा अब अधिक आतंकवादी मारे जा रहे हैं. सीमा पर हमारी सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान पूरी मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. पहले की अपेक्षा अब सफल घुसपैठ की घटनायें 50 प्रतिशत कम हो गयी हैं.’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में उग्रवाद और माओवाद दोनों में काफी कमी आयी है. उन्होंने कहा कि जहां माओवाद में 37-40 फीसदी की कमी आयी है वहीं उग्रवाद बहुत कम हो गया है. हालांकि इस संबंध में अभी और प्रयास करने की जरूरत है.

कालेधन के मुद्दे पर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने अघोषित धन रखने वालों के लिये माफी योजना शुरू की है जिसके तहत एक जून से 30 सितंबर के बीच लोग अपने ऐसे धन को घोषित कर उस पर 45 प्रतिशत टैक्स चुकाकर अपने बाकी धन को सफेद बना सकते हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘इस अवधि के अंदर ऐसा करने वाले लोगों के शेष धन को नम्बर एक का मान लिया जायेगा.’’

महंगाई के संबंध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि कुछ वस्तुएं ऐसी हैं जिनके मूल्य नियंत्रित करने की जरूरत है और सरकार उसके लिये कदम उठा रही है.

उन्होंने कहा, ‘‘परसों भी हमने इस पर एक बैठक की है और गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि यह महंगाई संप्रग सरकार के कार्यकाल के दौरान तेजी से बढ रही महंगाई की तुलना में काफी कम है लेकिन उससे निपटने के प्रयास किये जा रहे हैं.’’

मूल सुविधाओं के अभाव में उत्तराखंड से कई वर्षो से हो रहे पलायन के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के एक अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं से जुडा एक सीमांत राज्य होने के कारण इस मुद्दे की संवेदनशीलता को वह समझते हैं और इसके बारे में वह राज्य सरकार को एक पत्र लिखकर जानकारी हासिल करेंगे.

केंद्र सरकार के पहले दो वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस अवधि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई करिश्माई काम किये हैं जिनसे देश के अलावा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का मस्तक उंचा हुआ है.

उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा प्रधानमंत्री के विदेश दौरों पर उठाये सवालों को भी गलत बताया और कहा कि प्रधानमंत्री विदेश आराम करने नहीं जाते और छह दिनों में पांच देशों की यात्रा करना और उसमें अन्तरराष्ट्रीय नेताओं के साथ बातचीत के अलावा भारत के लिये महत्वपूर्ण समझौते करना इस बात का सबूत है.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की कूटनीतिक कुशलता की अमेरिकी प्रशासन ने भी सराहना की है और उसे ‘मोदी डाक्टराइन’ की संज्ञा दी है. उन्होंने कहा, ‘‘मिसाइल तकनीकी नियंत्रण व्यवस्था में शामिल किये जाने के लिये अमेरिका ने हमारा समर्थन किया है और जल्द ही आपको यह सुनने को भी मिलेगा कि हम न केवल मिसाइल बनायेंगे बल्कि दूसरे देशों को भी उसे आयात करेंगे. यह छोटी बात नहीं है.’’

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