काबुल: तालिबान ने सैन्य परिसर पर किया ट्रक बम हमला

Aug 01, 2016

तालिबान ने काबुल में विदेशियों के लिए बने नॉर्थगेट गेस्ट हाउस पर सोमवार तड़के विस्फोटकों से भरे ट्रक से हमला कर दिया.

कुछ ही दिनों के अंदर अफगान राजधानी पर यह दूसरा घातक हमला है.

इस शक्तिशाली विस्फोट में किसी के हताहत होने की कोई तत्काल खबर नहीं है. जिस स्थान पर यह हमला हुआ है, वह काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित सैन्य अड्डे के नजदीक है. विस्फोट के कारण कई किलोमीटर दूर तक की खिड़कियां चटक गईं.

जिस नॉर्थगेट पर यह हमला किया गया है, वहां सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है. विदेशी कॉन्ट्रैक्टरों के रहने के इस स्थान पर जुलाई 2013 में भी हमला किया गया था. तालिबान के हमले तेज होने से यहां की सुरक्षा की बिगड़ती स्थिति रेखांकित हो रही हैं.

अफगान सुरक्षा से जुड़े एक सूत्र ने विस्तृत जानकारी दिए बिना बताया, ‘नॉर्थगेट के प्रवेश द्वार विस्फोटकों से भरे एक ट्रक का हमला हुआ है.’ उग्रवादियों ने दावा किया कि हमले में 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और घायल हुए हैं. तालिबान को युद्धक्षेत्र से जुड़े दावों को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने के लिए जाना जाता है.

रमजान के दौरान थोड़ी शांति के बाद तालिबान ने अपने हमले तेज कर दिए हैं. यह हमला उसी की एक कड़ी है.

इससे पहले 23 जुलाई को अफगान राजधानी में दो बम विस्फोट हुए थे. उस घातक हमले में 80 लोग मारे गए थे. 23 जुलाई का यह हमला वर्ष 2001 में तालिबान को सत्ता से हटाए जाने के बाद किया गया सबसे घातक हमला था.

ये बम विस्फोट अल्पसंख्यक शिया हजारा प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर किया गया था. ये लोग मध्य प्रांत बामियान में बिजली की बड़ी लाइन की मांग करने के लिए जुटे थे. यह इलाका अफगानिस्तान के सबसे बदहाल इलाकों में से एक है.

 

इन बम विस्फोटों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी. आईएस धीरे-धीरे अफगानिस्तान में अपनी पैठ बना रहा है और तालिबान को उसी की धरती पर चुनौती दे रहा है.

अमेरिकी हवाई हमलों की मदद से अफगान बलों ने आईएस जिहादियों के पूर्वी गढ़ नांगरहार में हमले तेज किए हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने पिछले सप्ताह कहा था कि वर्ष 2016 के शुरूआती छह माह में हताहत नागरिकों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. इस संघर्ष के बढ़ने की एक बड़ी कीमत खासतौर पर बच्चों को पड़ रही है.

यूनाइटेड नेशन्स असिस्टेंस मिशन इन अफगानिस्तान ने कहा कि जनवरी और जून के बीच 1601 नागरिक मारे गए थे और 3565 नागरिक घायल हो गए थे.

यह संख्या पिछले साल की इसी अवधि के दौरान हताहत हुए लोगों की संख्या से चार प्रतिशत ज्यादा था.

आज का हमला इस रिपोर्ट के निष्कषोर्ं को सही साबित करता है कि आत्मघाती बम हमलों और जटिल किस्म के हमले अब नागरिकों को सड़क किनारे होने वाले विस्फोटों से ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं.

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