कश्मीर: कर्फ्यू, प्रतिबंध फिर से हुआ लागू

Jul 29, 2016

अलगाववादियों के प्रस्तावित मार्च को विफल करने के लिए दक्षिण कश्मीर के चार जिलों और श्रीनगर शहर में फिर से कर्फ्यू लगा दिया गया. घाटी के कुछ अन्य इलाकों में प्रतिबंध लगाए गए हैं.

शुक्रवार को एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘पूरे दक्षिण कश्मीर और श्रीनगर में कर्फ्यू लागू है जबकि उत्तरी और मध्य कश्मीर में प्रतिबंध लगाए गए हैं.’’
उन्होंने बताया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दक्षिण कश्मीर के सभी चार जिलों अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां में कर्फ्यू लगाया गया है.
अधिकारी ने बताया कि अलगाववादियों के जामिया मस्जिद तक मार्च की घोषणा को विफल करने के लिए उत्तरी कश्मीर और मध्य कश्मीर के कुछ इलाकों में प्रतिबंध लगाया गया है.
अलगाववादियों ने घाटी में हाल की हिंसा में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों से श्रीनगर शहर में जामिया मस्जिद पहुंचने की अपील की है.
सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के एक दिन बाद नौ जुलाई को पूरे कश्मीर में प्रदर्शन भड़क उठा था. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष की घटनाओं में दो पुलिसकर्मियों सहित 47 लोग मारे गए हैं और 5,500 अन्य लोग घायल हुए हैं.
हालात में कुछ सुधार होने पर गुरुवार को अधिकारियों ने अनंतनाग शहर को छोड़कर पूरी घाटी से कर्फ्यू और प्रतिबंध हटा लिया था.

 

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पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा अब भी ठप है, जबकि पोस्टपेड मोबाइल सेवा को फिर से बहाल कर दिया गया है.
प्रीपेड मोबाइल पर इनकमिंग की सुविधा है लेकिन ऐसे नंबरों से फोन नहीं किया जा सकता.
इस बीच, अलगाववादी समूहों के हड़ताल के आह्वान को देखते हुये शुक्रवार को लगातार 21वें दिन जनजीवन प्रभावित हुआ.
अधिकारी ने बताया कि स्कूल, कॉलेज और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं. सार्वजनिक वाहन सड़कों पर नजर नहीं आए. सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति काफी कम रही.
अलगाववादी खेमे ने कश्मीर में बंद 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है.
सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले हुर्रियत के दोनों गुटों और यासीन मलिक के नेतृत्व वाली जेकेएलएफ सहित अलगाववादियों ने गुरुवार देर रात एक बयान जारी कहा, ‘‘बंद रोजाना की तरह जारी रहेगा और शाम सात बजे से देर रात तक इसमें छूट रहेगी.’’
अलगाववादियों ने लोगों से शनिवार को सड़कों पर धरना देने और सड़कों पर एक साथ अपराह्न तथा शाम की नमाज पढ़ने को कहा है.
उन्होंने लोगों से शाम आठ बजे से एक घंटे का ‘ब्लैकआउट’ करने को भी कहा है. अलगाववादियों ने कहा कि 31 जुलाई को लोगों को विशेष नमाज के लिए ‘‘शहीदों की कब्रों’’ पर आना चाहिए और दीवारों तथा सड़कों पर नारे वगैरह लिखने चाहिए.
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