डीडीसीए से इस्तीफा दें न्यायाधीश सेन : दिनेश शर्मा

Apr 12, 2017
डीडीसीए से इस्तीफा दें न्यायाधीश सेन : दिनेश शर्मा

भ्रष्टाचार के व्यापक आरोपों में घिरी दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) को लेकर चल रहे विवाद ने बुधवार को नया मोड़ ले लिया है। संघ के पूर्व संयुक्त सचिव दिनेश शर्मा ने दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा डीडीसीए का कामकाज देखने के लिए नियुक्त सेवानिवृत न्यायाधीश विक्रमजीत सेन पर ही अदालत की अवमानना करने का आरोप लगाया है। दिनेश शर्मा और उनके सहयोगी पूर्व खेल समन्वयक विनोद तियारे ने न्यायाधीश सेन पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी की है।

दिनेश का कहना है, “न्यायाधीश सेन खुद उच्च न्यायालय और सर्वोच्च अदालत के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं और साथ ही लोढ़ा समिति की सिफारिशों का भी पालन नहीं कर रहे।”

दिनेश ने बुधवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “न्यायाधीश सेन की बेटी मृणाली सेन दिल्ली सरकार की समिति में वकील हैं। साथ ही वह डीडीसीए में दिशा निर्देश भी देती हैं और डीडीसीए की तरफ से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की बैठकों में हिस्सा भी लेती हैं। यह हितों के टकराव का मामला है और इसलिए मैं न्यायाधीश सेन से निवेदन करता हूं कि वह मानवता के नाते अपने पद से इस्तीफा दे दें।”

दिनेश ने कहा, “न्यायाधीश सेन की बेटी किस हक से बीसीसीआई की बैठकों में हिस्सा ले रहीं हैं और अधिकारियों को आदेश दे रहीं हैं। इस बात को न्यायाधीश सेन को स्पष्ट करना चाहिए।”

मृणाली ने हाल ही में मुंबई और बेंगलुरू में हुई बीसीसीआई की बैठकों में हिस्सा लिया था।

दिनेश और उनके सहयोगी विनोद तियारा ने न्यायाधीश सेन पर सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश के उल्लंघन का आरोप लगाया है जिसमें 70 साल से अधिक उम्र वाले शख्स और राज्य संघों में नौ वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके अधिकारी या किसी सरकारी अधिकारी को संघ की सदस्यता नहीं दी जा सकती।

उन्होंने कहा, “विवेक गुप्ता (डीडीसीए के पूर्व निदेशक) ने डीडीसीए में 14 साल तक काम किया लेकिन न्यायाधीश सेन ने उन्हें समिति में अंतरिम निदेशक और डीडीसीए के मामलों का मुखिया बनाया है।”

दिनेश ने कहा, “पी.के. सोनी ने भी डीडीसीए में अपने नौ साल पूरे कर लिए हैं साथ ही वह भारतीय जीवन बीमा कंपनी (एलआईसी) में भी प्रबंधन में शामिल हैं। वह लोढ़ा समिति की सिफारिशों के मुताबिक पद पर बैठने के योग्य नहीं हैं, लेकिन उनके पास डीडीसीए में मीडिया समन्वय का काम है।”

दिनेश ने साथ ही न्यायाधीश सेन पर दिल्ली उच्च न्यायालय के 30 जनवरी 2017 को दिए गए आदेश के उल्लंघन का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा, “सिद्धार्थ शर्मा जो डीडीसीए के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, उन्हें भी चयन समिति का समन्वयक बनाया गया है। यह सर्वोच्च अदालत और लोढ़ा समिति की सिफारिशों का साफ-साफ उल्लंघन है।”

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>