जेएनयू से लापता छात्र नजीब के मामले में निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले को किया खारिज

May 04, 2017
जेएनयू से लापता छात्र नजीब के मामले में निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले को किया खारिज

दिल्ली की एक सत्र अदालत ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के लापता छात्र नजीब अहमद के मामले में निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले को खारिज कर दिया। निचली अदालत ने मामले में आरोपी जेएनयू के नौ छात्रों को लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने को लेकर अपनी सहमति या असहमति व्यक्त करने के लिए अदालत में पेश होने का आदेश दिया था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने महानगर दंडाधिकारी की अदालत द्वारा 30 मार्च को दिए आदेश को खारिज कर दिया और इस संबंध में दिल्ली पुलिस को भेजे नोटिस को भी रद्द कर दिया।

सत्र अदालत ने हालांकि जांच अधिकारियों को आरोपी छात्रों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने के लिए दिशा-निर्देश के तहत नोटिस भेजने की इजाजत दे दी।

सत्र अदालत ने कहा कि दंडाधिकारी अदालत को जांच अधिकारियों को गलत नोटिस को वापस लेने और नया नोटिस भेजने का निर्देश देना चाहिए था।

आरोपी नौ विद्यार्थियों ने निचली अदालत के आदेश को सत्र अदालत में चुनौती दी थी।

मुख्य महानगर दंडाधिकारी की अदालत ने 30 मार्च को नौ विद्यार्थियों को 6 अप्रैल तक अदालत में अनिवार्य रूप से हाजिर होने और पॉलीग्राफी टेस्ट कराने पर अपनी सहमति या असहमति से अदालत को अवगत कराने का आदेश दिया था।

विद्यार्थियों के वकील विश्वभूषण आर्या ने अदालत से कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नियमों के मुताबिक, लाई डिटेक्टर टेस्ट कानून मान्य नहीं है और जब तक इसे व्यक्ति खुद स्वीकार न करे, इसे अवैध माना जाता है।

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