झारखंड : मंत्रियों ने शराब बेचने के फैसले पर सरकार की आलोचना की

Feb 22, 2017
झारखंड : मंत्रियों ने शराब बेचने के फैसले पर सरकार की आलोचना की

झारखंड में मुख्यमंत्री रघुबर दास की सरकार द्वारा राजस्व जुटाने के लिए अपनी दुकानों के माध्यम से शराब की बिक्री करने के कदम का विपक्षी पार्टियों तथा कुछ मंत्रियों ने विरोध किया है। सूत्रों के मुताबिक, जब मुद्दा मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में उठा, तो तीन मंत्रियों ने सरकार द्वारा शराब बेचे जाने के कदम का विरोध किया।

झारखंड के शहरी विकास मंत्री सी.पी.सिंह, संसदीय मामलों के मंत्री सरयू राय तथा जल संसाधन मंत्री तथा गठबंधन सहयोगी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आजसू) के विधायक चंद्र प्रकाश चौधरी ने राज्य सरकार द्वारा शराब बेचे जाने के कदम का विरोध किया।

सरयू राय ने कथित तौर पर कैबिनेट की बैठक में कहा, “प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य सरकार की छवि धूमिल होगी।”

मंत्री सी.पी.सिंह ने कथित तौर पर कहा, “इसकी क्या गारंटी है कि सरकार खुद शराब की दुकानों का संचालन कर ज्यादा राजस्व जुटा लेगी।”

झारखंड कैबिनेट ने प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा शराब बेचने के आबकारी विभाग के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी।

राज्य के आबकारी सचिव अविनाश कुमार ने संवाददाताओं से कहा, “झारखंड कैबिनेट की एक बैठक में राज्य सरकार द्वारा शराब बेचने के फैसले को मंजूरी दे दी गई। झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड आगामी एक अगस्त से शराब की बिक्री करेगी।”

झारखंड सरकार ने ज्यादा से ज्यादा राजस्व जुटाने के लिए शराब की बिक्री खुद करने का फैसला किया है। जिला प्रशासन को दुकानें ढूंढ़ने तथा शराब की बिक्री करने का प्रबंध करने के लिए कहा गया है।

शराब दुकानदार हालांकि सरकार के इस कदम का विरोध कर रहे हैं। झारखंड में 1,400 से अधिक शराब की दुकानें हैं और राज्य सरकार के फैसले के बाद 5,000 से अधिक लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

विपक्षी पार्टियों ने भी राज्य सरकार के इस कदम का विरोध किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री तथा झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने संवाददाताओं से कहा, “झारखंड सरकार उद्योगपतियों के लिए जमीनें खरीदेगी और शराब बेचेगी। यह किस तरह की सरकार है, जिसे राज्य के लोगों की ही परवाह नहीं है।”

झारखंड कांग्रेस के महासचिव आलोक दूबे ने आईएएनएस से कहा, “अमित शाह (भाजपा अध्यक्ष) ने उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान दूध की गंगा बहाने का दावा किया है और झारखंड की भाजपा नीत राज्य सरकार पैसे के लिए शराब बेचेगी। प्रधानमंत्री ने शराब को प्रतिबंधित करने के लिए नीतीश कुमार की पीठ थपथपाई है। फिर उन्होंने रघुबर दास की सरकार द्वारा शराब बेचने के फैसले पर चुप्पी क्यों साध रखी है।”

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