जाटों का आंदोलन फिर से शुरू, हरियाणा के 19 जिलों में कड़ी सरक्षा

Jan 29, 2017
जाटों का आंदोलन फिर से शुरू, हरियाणा के 19 जिलों में कड़ी सरक्षा
पानीपतः आरक्षण की मांग को लेकर फिर से हरियाणा के जाट आंदोलित हो उठे हैं। उन्होंने रविवार से आंदोलन शुरू कर दिया। हरियाणा के  19 जिले आंदोलन की चपेट में हैं। इसको लेकर फिर से हरियाणा की आम जनता डर गई है। वजह कि पिछली बार आंदोलन के दौरान पूरा सूबा हिंसा की आग मे झुलस उठा था। 30 लोगों क मौत के साथ महिलाओं से दुष्कर्म के भी मामले सामने आए थे। हजारों करोड़ की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ था।
जाट आरक्षण आंदोलन इस बार संघर्ष समिति के यशपाल मलिक गुट की ओर से हो रहा है। हजारों करोड़ की प्रॉपर्टी का नुकसान हुआ था।
रोहतक के गांव को बनाया आंदोलन का केंद्र
 हरियाणा के 22 में से 19 जिलों में यह आंदोलन हो रहा है। इनमें अम्बाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, झज्जर, पानीपत, फतेहाबाद, फरीदाबाद, भिवानी, महेंद्रगढ़, यमुनानगर, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, हिसार, पलवल, दादरी शामिल हैं गुड़गांव, मेवात और पंचकूला जिलों में अभी यह आंदोलन शुरू नहीं हुआ है। यहां और दिल्ली में 3 फरवरी से आंदोलन होगा। जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने प्रदेश में 19 जगह धरने शुरू किए हैं। इनका हेडऑफिस रोहतक के गांव जसिया को बनाया गया है। आंदोलनकारियों ने पहले फैसला किया कि वे धरने के लिए खेतों में बैठेंगे, लेकिन वहां बारिश का पानी भर गया। इसके बाद वे गांव के बाहर सर्विस रोड पर ही धरना दे रहे हैं। उधर रोहतक के सेक्टर-6 में जाट जागृति सेना का धरना तीसरे दिन भी जारी है।
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