अल्पसंख्यक अवधारणा को हटाने की जनसंघ की मांग, तिरंगे से हटाया ‘हरा’ रंग

Oct 07, 2016
अल्पसंख्यक अवधारणा को हटाने की जनसंघ की मांग, तिरंगे से हटाया ‘हरा’ रंग

केंद्र सरकार से भारतीय जनसंघ ने मांग की है की वो देश से अल्पसंख्यक के विचार को समाप्त करे। क्योंकि सभी समान है। जनसंघ ने यह मांग तब उठायी है जब देश में मुसलमानो के प्रति गुस्सा है। जनसंघ को लग रहा है की देश में अल्पसंख्यक अवधारणा को खत्म करने के लिए यही सही समय है।

हर महीने प्रकाशित होने वाली जनसंघ पत्रिका ‘जनसंघ टुडे’ में यह मांग उठायी गयी है. जनसंघ ने सितम्बर महीने की पत्रिका को ‘अबोलिश माइनॉरिटी कांसेप्ट’ नामक टाइटल से प्रकाशित किया है। इस कॉन्सेप्ट को समझाने के लिए पत्रिका के कवर पेज पर एक तिरंगा लगाया है और उसमे से ‘हरा’ रंग गायब है इसका मतलब ये है की हम सभी समान है इसलिए तिरंगे में हरे रंग की जगह भगवा रंग से दर्शाया गया है।

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तिरंगे में से हरा रंग निकाल कर जनसंघ यह बताना चाहता है की देश में अल्पसंख्यक अवधारण के लिए कोई जगह नही है। इस पत्रिका के सम्पादकीय में लिखा गया है की देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु ने पहली बार देश में अल्पसंख्यक अवधारण को जन्म दिया था. एक देश एक संविधान वाले देश को उसी समय नेहरु ने दो भागो में बाँट दिया था. सावधान हो जाइए और अल्पसंख्यक अवधारण को खत्म कीजिये क्योकि सब एक समान है।

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