इस्तांबुल: अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला, 36 लोगों की मौत, 150 घायल

Jun 29, 2016

तुर्की में इस्तांबुल के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आत्मघाती हमले में 36 लोगों की मौत हो गई जबकि कम से कम 150 लोग घायल हो गए.

आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के तीन संदिग्ध आत्मघाती हमलावरों ने इस्तांबुल के अतातुर्क हवाईअड्डे के अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल को निशाना बनाया जिसमें कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए.

तुर्की के प्रधानमंत्री बिनाली यिलदिरिम ने कहा कि 36 लोगों की मौत हुई है और न्याय मंत्री बेकिर बोजगाद ने कहा कि 147 लोग घायल हुए हैं.

एक अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि मृतक संख्या और बढ़ने की आशंका है.

अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर वरिष्ठ अधिकारी ने पूर्व में बताया कि करीब 50 लोग पहले ही मारे जा चुके हैं लेकिन उन्होंने बाद में कहा कि मृतक संख्या के बढ़कर 50 तक पहुंच जाने की आशंका है.

यिलदिरिम ने कहा कि इस हमले को तीन आत्मघाती हमलावरों ने अंजाम दिया और सभी शुरूआती संकेत बताते हैं कि इसके पीछे इस्लामिक स्टेट समूह का हाथ है.

उन्होंने बताया कि हमलावर एक टैक्सी में सवार होकर हवाईअड्डे पहुंचे और उन्होंने गोलीबारी करने के बाद खुद को उड़ा लिया. यह पूछे जाने पर कि क्या किसी चौथे हमलावर के बचकर भाग जाने की आशंका है, उन्होंने कहा कि अधिकारियों को ऐसा नहीं लगता, लेकिन वे प्रत्येक संभावना पर विचार कर रहे हैं.

यिलदिरिम ने बताया कि पीड़ितों में कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. कई घायलों को मामूली चोटें आई हैं लेकिन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं.

तुर्की के एक अन्य अधिकारी ने सरकारी प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि दो हमलावरों ने पुलिस की गोलीबारी के बाद अंतरराष्ट्रीय आगमन टर्मिनल के प्रवेश पर विस्फोट किया जबकि तीसरे हमलावर ने पार्किंग स्थल पर स्वयं को उड़ा लिया.

अधिकारी ने गृह मंत्रालय की जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी हमलावर टर्मिनल के प्रवेश पर सुरक्षा जांच से बचकर नहीं निकल सका.

तुर्की के हवाईअड्डों पर टर्मिलन इमारतों के प्रवेश और इसके बाद प्रस्थान द्वार में प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच होती है.

 

हमले के बाद हवाईअड्डे के चारों ओर की सड़कों को नियमित यातायात के लिए बंद कर दिया गया और कई एंबुलैंस वाहनों को वहां आते-जाते देखा गया.

जर्मनी से कुछ ही देर पहले अपने परिवार के साथ पहुंची हेविन जीनी (12) की आंखों में आंसू थे और वह सदमे में थी. उसने कहा, ‘जमीन पर खून था. सब कुछ विस्फोट के कारण टुकड़े-टुकड़े हो गया.. यदि हम दो मिनट पहले पहुंचे होते, तो हम भी मारे जाते.’

दक्षिण अफ्रीकी जूडी फैविश अपने घर डबलिन जाते समय दो दिन के लिए इस्तांबुल में रकी थी. उसने ‘चेक इन’ किया ही था कि उसे गोलीबारी के बाद एक विस्फोट की आवाज सुनाई दी. उसने कहा कि वह कुछ देर के लिए एक काउंटर के नीचे छुप गई.

जूडी ने कहा कि यात्रियों को बेसमेंट में बने एक जलपान गृह में ले जाया गया. उन्हें एक घंटे से भी अधिक समय बाद बाहर निकलने की अनुमति दी गई.

निजी डीएचए संवाद समिति ने बताया कि घायलों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. घायलों को बाकिरकोय स्टेट हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है.

तुर्की पर हालिया महीनों में इस्लामिक स्टेट समूह के आतंकवादियों या कुर्द विद्रोहियों ने कई विस्फोट किए हैं.

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