ISIS अब भोले-भाले भारतीय युवाओं पर डाल रहा है डोरे

Jun 13, 2016

नाम उच्च शिक्षा का और पढ़ाई आतंक की. विश्व में आतंक का पर्याय बन चुका आईएसआईएस अब भोले-भाले भारतीय युवाओं पर डोरे डाल रहा है.

आईएसआईएस इसमें पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद ले रहा है. वह गरीब परिवार के भोले भाले युवाओं को आर्थिक मदद करने और बच्चे को विदेश में उच्च शिक्षा दिलाने का प्रस्ताव देकर अपने जाल में फंसा रहा है. खासकर कनाडा, ऑस्ट्रेलिया व दुबई में मुफ्त में उच्च शिक्षा दिलाने के साथ परिवार के खर्चे को भी वहन करने का प्रस्ताव दे रहा है. खुफिया विभाग ने यह सूचना केंद्र सरकार को दी है.

ऑस्ट्रेलिया में आईएसआईएस के संपर्क में कई राज्यों विशेषकर जम्मू-कश्मीर, यूपी, कर्नाटक, बिहार और हैदराबाद के युवा आ गए हैं जो भविष्य के आतंकी बनने वाले हैं. इसलिए इन पर कड़ी नजर रखने की बात है.

सूत्रों के अनुसार आईएसआईएस के रडार पर भारत आ गया है. आईएसआईएस अब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद से आस्ट्रेलिया, कनाडा, दुबई जैसे कुछ देशों में उच्च शिक्षा दिलाने की आड़ में भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के प्रयास में जुट गया है.

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विश्व में आतंकवाद के खिलाफ भारत द्वारा चलाए जा रहे मुहिम का सर्मथन मिलने से आईएसआईएस बौखला गया है. लिहाजा उसने भारत विरोधी गतिविधियां जोरों पर शुरू कर दी हैं.

खुफिया सूत्रों के अनुसार कुछ डाटा के विश्लेषण के बाद यह जानकारी मिली है कि कुछ भारतीय मुस्लिम युवा को जो उच्च शिक्षा प्राप्त करने कनाडा और आस्ट्रेलिया जैसे देश जाते हैं, उससे संपर्क साधकर जेहाद के नाम पर उन्हें प्रभावित किया जाता है. लिहाजा उच्च शिक्षा प्राप्त करने गए भारतीय युवा शिक्षा प्राप्त करने के बाद जेहादी गतिविधियों में शामिल हो गए.

सूत्रों के अनुसार खुफिया विभाग को कुछ ऐसे सबूत हाथ लगे हैं, जिससे साफ हो रहा है कि न सिर्फ कुछ सिख संगठनों द्वारा भारत के खिलाफ चलाई जा रही गतिविधियां जोरों पर हैं, बल्कि सीरिया और इराक में भारत के कुछ प्रदेशों जिसमें खासतौर पर तमिलनाडु, यूपी, बिहार ,हैदराबाद, कर्नाटक, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर युवा यहां जाकर भारत के खिलाफ चल रही आतंकी गतिविधियों में उच्च शिक्षा की आड़ में जेहाद के नाम पर ऐसे गतिविधयों में  शामिल हो रहे हैं. खुफिया विभाग को इसी दौरान चार ऐसे युवकों का पता चला, जो मुंबई से आस्ट्रेलिया पढ़ाई के लिए गए थे, लेकिन वे अंतत: सीरिया में चल रहे ‘ग्लोबल जेहाद’ में भाग लेने लगे.

खुफिया सूत्रों के अनुसार ‘आदिल फयाज वाडा’ जो जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है, वह जॉर्डन के रास्ते 21 जून, 2013 को टर्की चला गया. उसका पासपोर्ट नंबर डी-4045826 था. खुफिया विभाग ने कहा कि आदिल फयाज वाडा को आतंकी गतिविधियों के बारे में उस समय ही सारी जानकारी थी, जिस समय वह आस्ट्रेलिया में था.

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वह क्वींसलैंड में अपनी एमबीए की पढ़ाई करने के पश्चात रह रहा था और अपने चाचा डा. राऊफ जो सिडनी में रहते हैं, उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा था. कुछ समय बाद वह ‘आस्ट्रेलियन स्ट्रीट डावा’ नामक स्वयंसेवी संगठन से जुड़ गया. इस स्वयंसेवी संगठन का काम यही था कि सोशल मीडिया द्वारा इस्लाम धर्म को आस्ट्रेलिया से विश्व में कैसे फैलाया जाए.

सूत्रों के अनुसार खुफिया विभाग को वाडा के अलावा एक और भारतीय शख्स हाजा फखरुद्दीन उस्लाम अली के बारे में जानकारी मिली है जिसने बाद में सिंगापुर की नागरिकता ले ली है, वह भी जेहाद के लिए सीरिया गया. 2013 में वह अपने परिवार के साथ इराक चला गया और उसके बाद आईएसआईएस के सीधे संपर्क में आ गया. प्रारंभ में यह शख्स सीरिया में चेचेन्या में कुछ मुजाहिदीन के साथ रहा और उसके बाद उसकी आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया.

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उसके पश्चात वह कश्मीर, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ युवाओं को आईएसआईएस से प्रभावित कर जनवरी, 2014 में वापस चला गया. वह भारत आने के बाद भी हमेशा आईएसआईएस के संपर्क में रहा. उसके बाद वह जेहादी गतिविधियों में संलिप्त हो गया और भारत विरोधी चल रही आतंकी कार्यक्रम में शामिल होने लगा.
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