क्या बुलेट ट्रेन के कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए बढ़ी है पेट्रोल-डीजल की कीमत?: शिवसेना

Sep 20, 2017
क्या बुलेट ट्रेन के कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए बढ़ी है पेट्रोल-डीजल की कीमत?: शिवसेना

पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ने पर शिवसेना ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। शिवसेनाने पूछा कि दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम में गिरावट के बावजूद आखिर क्यों देश में पेट्रोल-डीजल इतने महंगे दामों में बेचा जा रहा है। कहीं ऐसा तो नहीं कि बुलेट ट्रेन के कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

बता दें कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए शिवसेना ने पिछली सरकार का हवाला देते हुए कहा है कि जब कांग्रेस की सरकार थी। तब कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल था। लेकिन फिर भी पेट्रोल और डीजल का दाम कभी भी क्रमश: 70 और 53 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा नहीं हुआ। लेकिन इसके बाद भी विपक्ष पार्टियां सड़कों पर इसके खिलाफ खूब प्रदर्शन कर रही थीं। लेकिन, आज कच्चे तेल का दाम 49.89 डॉलर प्रति बैरल है। इस के बावजूद पेट्रोल 80 रुपये और डीजल 63 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है। लोगों को कम कीमतों का फायदा नहीं मिल रहा है। बल्कि यह लोगों को लूटने जैसा है।

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शिवसेना ने सवाल किया कि ‘दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम में गिरावट के बावजूद देश में इनके दाम क्या बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए जापान से लिए गए कर्ज के ब्याज को चुकाने के लिए ज्यादा रखे गए हैं।’ शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में छपे संपादकीय में कहा गया कि, ‘जो लोग सरकार में हैं वह महंगाई पर बात नहीं करना चाहते और न ही दूसरों को बात करने देना चाहते हैं। ईंधन के दाम आसमान पर पहुंचने का दर्द आम आदमी झेल रहा है। सरकार में बैठे लोग अगर पिछले चार महीनों के दौरान इसके दाम में 20 बार की बढ़ोतरी का समर्थन करते हैं तो यह सही नहीं है।’ इससे पहले पार्टी ने केंद्रीय मंत्री अलफोंस के उस बयान को आम आदमी का ‘अपमान’ बताया था, जिसमें अल्फोंस ने कहा था कि ‘पेट्रोल और डीजल खरीदने वाले लोग मर नहीं रहे हैं।’

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