अंतर्राष्ट्रीय फोन कॉल रैकेट का भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार

Jan 25, 2017
अंतर्राष्ट्रीय फोन कॉल रैकेट का भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार

जम्मू कश्मीर मिल्रिटी इंटेलीजेंस को सूचना मिल रही थी कि कुछ भारतीय नंबरों से जासूसी करने के उद्देश्य से आर्मी यूनिट्स पर काल आ रहे थे। एटीएस उप्र ने इन नंबरों की जांच की तो पाया कि अवैध टेलफोन एक्सचेंज के माध्यम से भारत के बाहर से कॉल किए जा रहे हैं, लेकिन डिस्पले पर भारत का ही नंबर दिखता है।

उप्र एटीएस के पुलिस महानिरीक्षक असीम अरुण ने कहा, “उप्र एटीएस द्वारा सिम बाक्स का भंडाफोड़ करने से जासूसी कर रहे एजेंटों का काम मुश्किल हो जाएगा। अब ये अंतर्राष्ट्रीय फोन गेटवे से बचकर कॉल नहीं कर पाएंगे। इसके लिए सेना और टर्म सेल के साथ मिल कर अन्य ऐसे ऑपरेटरों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इससे आतंकवादियों और जासूसों का काम मुश्किल तो होगा ही, सरकार और मोबाइल कंपनियों को हो रही करोड़ों रुपयों की हानि भी बचेगी।”

अरुण ने कहा कि सुरक्षा कारणों से इस प्रकरण को बेहद गंभीरता से लेते हुए एटीएस की टीमों को सक्रियता से लगाया गया।

उन्होंने बताया, “कुछ दिनों से जानकारी मिल रही थी कि विदेशों से भारत में सस्ते फोन कॉल करने के लिए कुछ आपराधिक तत्व अवैध रूप से पैरलल टेलीफोन एक्सचेंज चला रहे हैं। इसके अंतर्गत विदेश में बैठा व्यक्ति भारत को इंटरनेट कॉल करता है और सिम बाक्स के माध्यम से वायस काल में बदल कर भारत के जिन नंबर पर विदेश में बैठा व्यक्ति बात करना चाहता है, ये लोग बात करा देते हैं और भारतीय नंबर पर विदेशी नंबर की जगह हिंदुस्तान का ही नंबर दिखता है।”

अभियुक्तों के इस कार्य से भारत की सुरक्षा को खतरा पहुंचने के साथ-साथ करोड़ों रुपयों की भारतीय टेलीफोनिक अर्थव्यवस्था की चोरी होती है। केंद्रीय दूरसंचार विभाग के टर्म सेल लखनऊ शाखा से संपर्क किया गया तो टर्म सेल के अधिकारियों ने बताया कि भारत में इंटरनेट से भारत के किसी भी मोबाइल या लैंडलाइन नेटवर्क पर कॉल वैध नहीं है और जो भी कॉल हो वह भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों एवं शर्तो के अधीन हो।

टेलीफोन कंपनियों का भी दायित्व बनता है कि प्रत्येक तीन माह में जारी सिमों का सत्यापन भी करें।

अरुण ने बताया, “इन अवैध एक्सचेंजों का पता लगाने के लिए एटीएस के अपर पुलिस अधीक्षक राजेश साहनी के नेतृत्व में कई टीमों को लगाया गया। प्राप्त सूचनाओं तथा मोबाइल नंबरों की गहनता से किए गए विश्लेषणों से यह जानकारी हुई कि इस तरह के अवैध टेलीफोन एक्सचेंज लखनऊ, सीतापुर हरदोई जनपदों में भी संचालित हैं।”

उन्होंने कहा, “इनको चलाने वाले किसी दूसरे के नाम पते पर सिम प्राप्त कर सिम बाक्स में डाल कर चलाते हैं। ऑपरेशन में लगाई गई विभिन्न टीमों द्वारा इस सूचना को विकसित किया गया तो जानकारी मिली कि लखनऊ वाले इस गिरोह का संबंध हरदोई एवं सीतापुर से भी है। इस गोपनीय जानकारी के आधार पर एटीएस टीमों द्वारा 24 जनवरी को देर रात तक कार्रवाई की गई।

उन्होंने बताया, “एटीएस की टीमों ने टर्म सेल के अधिकारियों एवं स्थानीय पुलिस के सहयोग से लखनऊ से सीतापुर निवासी राहुल रस्तोगी और शिवेंद्र मिश्रा, अमीनाबाद निवासी हर्षित गुप्ता, राजाजीपुरम निवासी विशाल कक्कड़, बुलंदशहर निवासी राहुल सिंह को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्तों के पास से तीन लैपटाप, 12 सिम बाक्स, लगभग 87 सिम, 25 मोबाइल फोन डाटाकार्ड तथा अन्य सहवर्ती संचार सामग्री बरामद किया गया।”

हरदोई से अभियुक्त विनीत कुमार दीक्षित को गिरफ्तार कर उसके पास से 16 एवं 32 स्लाट के दो सिमबाक्स, 13 सिमकार्ड वोडाफोन, दो लैपटाप, दो पेनड्राइव और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।

अरुण ने कहा, “सीतापुर से अभियुक्त ऋषि होरा, श्याम बाबू, उत्तम शुक्ला, विकास वर्मा को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 16 स्लाट्स के दो सिम बाक्स, 28 सिम, कई मोबाइल फोंस, 3जी डाटा कार्ड बरामद किए गए।” उन्होंने बताया कि एटीएस नोएडा टीम द्वारा भी इसी कड़ी में एक अभियुक्त गुलशन सेन को नई दिल्ली महरौली इलाके से भी गिरफ्तार किया गया है।

अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है तथा पूछताछ के आधार पर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस संदर्भ में 23 जनवरी को एटीएस ने थाना एटीएस उप्र गोमतीनगर में अभियोग पंजीकृत कर लिया था, जिसके आधार पर कार्यवाही की गई।

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