संयुक्त राष्ट्र पर भारत का बड़ा हमला, आतंकी अजहर पर प्रतिबंध न लगाने पर सुनाई खरी-खोटी

Oct 06, 2016
संयुक्त राष्ट्र पर भारत का बड़ा हमला, आतंकी अजहर पर प्रतिबंध न लगाने पर सुनाई खरी-खोटी
संयुक्त राष्ट्र संघ को  भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया है।  आतंकी अजहर पर प्रतिबंध लगाने में लाचारी पर जमकर खरी-खोटी सुनाई। पाकिस्तान में बैठे आतंक के आकाओं पर प्रतिबंध न लगाने पर भारत ने सवाल उठाते हुए कहा है कि आपका काम सुरक्षा करना है मगर जब आप ही उदासीन हैं तो हम आपसे क्या उम्मीद करें। भारत ने यूएन को अनुत्तरदायी होने की संज्ञा से नवाजा है। दरअसल भारत ने अपना गुस्सा जैश-ए-मोहम्मद मुखिया मसूद अजहर को यूएन की ओर से प्रतिबंधित न करने पर निकाला है। चीन के अड़ंगा डालने पर हमेशा की तरह यूएन बैकफुट पर चला गया।
भारत के अकबरुद्दीन ने यूं लताता यूएन को
दरअसल अजहर पर जब यूएन से प्रतिबंध न लगने की खबर मिली तो संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने यूएन को करारा जवाब दिया। संयुक्त राष्ट्र महासभा से मुखातिब होकर कहा कि 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद का मकसद दुनिया में शांति और सुरक्षा की स्थापना करना है। मगर जब इस मसले पर कारगर पहल की उम्मीद की जाती है तो अनुत्तरदायी रवैया दिखने को मिलता है। जिससे दुनिया के सामने खड़ी चुनौतियों से इस संगठन के लड़ पाने की लाचारी साफ दिखती है।
अजहर पर बैन लगाने पर विचार में ही छह माह आपने लगा दिया
भारत के स्थाई प्रतिनिधि अकबरुद्दीन यही नहीं रुके। कहा कि सुरक्षा परिषद ने सिर्फ इसी बात पर विचार-विमर्श करने में छह महीने लगा दिए। कितनी हैरानी भरी बात है कि पाकिस्तान के जिन संगठनों को खुद यूएनओ आतंकी समूह घोषित किया है उसी के नेताओं पर प्रतिबंध नहीं लगा पा रहा। अकबरुद्दीन ने चीन का नाम लिए बगैर कहा कि अजहर के खिलाफ भारत के प्रयास पर एक देश की ओर से पानी फेरने की कोशिश की गई। अकबरुद्दीन ने कहा कि यह अफसोसनाक है कि अब यूएन तीन महीने का और समय लेगा। सोचिए किसी मुद्दे पर हां या नहीं में फैसला लेने के लिए यूएनओ किसी देश का नौ महीने का कीमती वक्त ले लेता है।
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