भारत में ‘गुलामी, बंधुआ मजदूरी, बाल वेश्यावृत्ति और जबरन शादी के अपराध’ विश्व में शीर्ष पर

Jun 02, 2016

नई दिल्ली। भारत में वेश्यावृत्ति, भीख और बंधुआ मजदूरी जैसी आधुनिक गुलामी के शिकंजे में एक करोड़ 83 लाख 50 हजार लोग जकड़े हुए हैं। दुनिया में आधुनिक गुलामी से पीड़ितों की सबसे ज्यादा संख्या भारत में है। ऑस्ट्रेलिया आधारित मानवाधिकर समूह ‘वाक फ्री फाउंडेशन’ की तरफ से मंगलवार को जारी 2016 वैश्विक गुलामी सूचकांक के अनुसार दुनिया भर में महिलाओं और बच्चों समेत चार करोड़ 58 लाख लोग आधुनिक गुलामी के जकड़ में है। दो साल पहले, 2014 में यह तादाद तीन करोड़ 58 लाख थी।

आधुनिक गुलामी में जकड़े लोगों की तादाद एक करोड़ 43 लाख

रिपोर्ट के अनुसार भारत में आधुनिक गुलामी में जकड़े लोगों की तादाद सबसे ज्यादा है। यहां एक अरब 30 करोड़ की आबादी में से एक करोड़ 83 लाख 50 हजार लोग गुलामी में जकड़े हुए हैं। उत्तर कोरिया में इसकी व्यापकता सबसे ज्यादा है। वहां आबादी का 4.37 प्रतिशत आधुनिक गुलामी की गिरफ्त में है। वर्ष 2014 की पिछली रिपोर्ट में भारत में आधुनिक गुलामी में जकड़े लोगों की तादाद एक करोड़ 43 लाख बताई गई थी।

गुलामों की तादाद के आधार पर 167 देशों का क्रम तय किया गया

सूचकांक के अनुसार आधुनिक गुलामी सभी 167 देशों में पाई गई है। इसमें शीर्ष पांच देश एशिया के हैं। भारत इसमें शीर्ष पर है। भारत के बाद चीन (33 लाख 90 हजार), पाकिस्तान (21 लाख 30 हजार), बांग्लादेश (15 लाख 30 हजार) और उज्बेकिस्तान (12 लाख 30 हजार) का स्थान है। सूचकांक के अनुसार इन पांच देशों में कुल मिला कर दो करोड़ 66 लाख लोग गुलामी में बंधे हैं जो दुनिया के कुल आधुनिक गुलामों का 58 फीसद है। सूचकांक में आबादी के अनुपात में गुलामों की तादाद के आधार पर 167 देशों का क्रम तय किया गया है। आधुनिक गुलामी में शोषण के उन हालात को रखा गया है जिससे धमकी, हिंसा, जोर-जबरदस्ती, ताकत का दुरूपयोग या छल-कपट के चलते लोग नहीं निकल सकते हैं।

भारत में सबसे ज्यादा लोग गुलामी की गिरफ्त में

शोध में 25 देशों में 53 भाषाओं में आयोजित 42 हजार से ज्यादा साक्षात्कार शामिल किए गए हैं। इनमें भारत में 15 राज्य स्तरीय सर्वेक्षण भी शामिल हैं। ये प्रतिनिधिमूलक सर्वेक्षण अपने दायरे में वैश्विक आबादी के 44 फीसद को समेटते हैं। आबादी के अनुपात में जिन देशों में सबसे ज्यादा आधुनिक गुलामी का आकलन किया गया है उनमें उत्तर कोरिया, उज्बेकिस्तान, कंबोडिया, भारत और कतर है। अध्ययन में रेखांकित किया गया है कि जहां भारत में सबसे ज्यादा लोग गुलामी की गिरफ्त में हैं, इसने इस समस्या से निबटने के लिए उपाय करने की दिशा में खासी तरक्की की है।

बार बार अपराध करने वालों को ज्यादा कठोर सजा के प्रावधान

अध्ययन में कहा गया है, ‘इसने मानव तस्करी, गुलामी, बंधुआ मजदूरी, बाल वेश्यावृत्ति और जबरन शादी को अपराध घोषित किया है। भारत सरकार बार बार अपराध करने वालों को ज्यादा कठोर सजा के प्रावधान के साथ अभी मानव तस्करी के खिलाफ कानून कड़ा कर रही है। यह पीड़ितों को सुरक्षा और बहाली समर्थन की पेशकश करेगी।’’ इसमें कहा गया है कि आर्थिक तरक्की के साथ भारत में श्रम संबंधों से ले कर ज्यादा जोखिम वाले लोगों के लिए सामाजिक बीमा की प्रणाली तक कानूनी और सामाजिक सुधार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम किए जा रहे हैं।

गुलामों की तादाद तकरीबन चार करोड़ 60 लाख
‘वाक फ्री फाउंडेशन’ के अध्यक्ष एवं संस्थापक ऐंड्रियू फोस्ट ने गुलामी पर प्रतिबंध लगाने के लिए कठोर कानून बनाने की मांग करते हुए कहा कि गुलामी खत्म करना नैतिक, राजनीतिक, तार्किक और आर्थिक रूप से मायने रखता है। फोस्ट ने दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं की सरकारों से आह्वान किया कि वे गुलामी के खिलाफ कठोर कानून बना कर और उन्हें लागू कर दूसरे देशों के लिए एक मिसाल कायम करें। दुनिया भर में ऐसे गुलामों की तादाद तकरीबन चार करोड़ 60 लाख है।

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