कश्मीर में भारत को जनमत संग्रह कराना चाहिए: शरीफ

Jul 21, 2016

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर भारत का अंदरूनी मामला नहीं है और कश्मीरियों के अधिकारों का सम्मान करते हुये वहां जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए.

घाटी के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए काला दिवस मनाए जाने के साथ अपने संदेश में शरीफ ने कहा, ‘‘कश्मीरियों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए आज (बुधवार को) हम काला दिवस मना रहे हैं और विश्व को एक बड़ा संदेश दे रहे हैं कि पाकिस्तानी अधिकारों को हासिल करने के उनके (कश्मीरियों) संघर्ष में उनके साथ हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारत ताकत के दम पर कश्मीरियों की आवाज को नहीं दबा सकता और आखिरकार उन्हें स्वतंत्रता मिलेगी. संयुक्त राष्ट्र ने कश्मीर को एक विवादित क्षेत्र घोषित कर रखा है और भारत को कश्मीरियों के अधिकारों का सम्मान करते हुये जनमत संग्रह कराना चाहिए. कश्मीर मुद्दे को भारत का अंदरूनी मामला बताया जाना उचित नहीं है.’’
शरीफ ने कहा कि अधिकृत क्षेत्र में भारत ने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है जो विश्व समुदाय के लिए गहरी चिंता का विषय है.
उन्होंने पूर्व में सभी संबंधित विभागों से अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर मुद्दा उठाने का निर्देश दिया था.
कश्मीर मुद्दे की ओर विश्व का ध्यान आकर्षित करने के लिए काले दिवस के अवसर पर पूरे देश और पाक अधिकृत कश्मीर में रैलियां और कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है.
हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हिंसक प्रदर्शनों में कश्मीर में मारे गये लोगों के लिए विशेष नमाज अदा की जाएगी.
कश्मीर की ओर विश्व का ध्यान आकर्षित करने के लिए सरकार के आदेश पर विदेशों में पाकिस्तानी मिशनों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.
वर्ष 2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के नेतृत्व वाले जमात-उद-दावा का ‘कश्मीर कारवां’ यहां एक ‘विशाल’ जनसभा करेगा. यह मंदलवार को लाहौर से इस्लामाबाद के लिए रवाना हुआ था.
सईद ने मंगलवार को ‘कश्मीरियों को स्वतंत्रता मिलने तक’ जम्मू कश्मीर की ओर मार्च निकालने का संकल्प लिया.
आठ जुलाई को वानी के मारे जाने के बाद से हुए संघर्षं में कश्मीर में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गयी है.
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