विदेश नीति के केंद्र में भारत पहले: मोदी

Aug 08, 2016

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजग सरकार की विदेश नीति के केंद्र में भारत पहले है, जिसका लक्ष्य देश के रणनीतिक हितों की रक्षा करना और मजबूत आर्थिक संवृद्धि सुनिश्चित करना है.

उन्होंने कहा, ‘‘भारत पहले हमारी विदेश नीति का केंद्र बिंदु है. यह भारत के रणनीतिक हितों की रक्षा, भारत आर्थिक खुशहाली को हासिल करने में लंबी छलांग लगाने की दिशा में आगे बढ़े और उस स्थान तक पहुंचे जहां उसे पहुंचना चाहिए इसके बारे में है.’’
प्रधानमंत्री अपनी सरकार के माईजीओवी पहल के दो साल पूरे होने पर टाउन हॉल-शैली में संबोधित कर रहे थे.
मोदी ने कहा कि समय बदल गया है और दुनिया एक-दूसरे पर आश्रित हो गई है और कोई भी देश एक खास समूह में रहना वहन नहीं कर सकता है.
उन्होंने कहा, ‘‘समूह का समय खत्म होने को है. प्रत्येक देश किसी दूसरे देश से जुड़ा हुआ है.’’
उन्होंने कहा कि एक साथ चलना ज्यादातर मामलों में मानदंड बन गया है.
भारतवंशियों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वो दूसरे मुल्कों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और हमें उनकी ताकत का इस्तेमाल करना चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘‘भारतवंशी समुदाय बेहद अग्र सक्रिय, निश्चयात्मक हो गया है और वो अनेक देशों के साथ संबंधों में सुधार में मदद कर सकते हैं. भारत नयी ऊर्जा और प्रतिष्ठा के साथ दुनिया में अपना स्थान बना रहा है.’’
भारत के बाहरी ताल्लुकात पर एक सवाल के जवाब में मोदी ने कहा कि देश की विदेश नीति के बारे में बात करने के दौरान आक्रामक, प्रगतिशील और अग्रसक्रिय जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की कोई आवश्यकता नहीं है, जिसका सवाल करने वाले ने इस्तेमाल किया था.

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