भारत ने अपनाया कड़ा रुख, POK खाली करने पर बात करे पाक

Aug 19, 2016

भारत ने पाकिस्तान को लेकर अपना रुख और सख्त करते हुए कहा है कि वह उसके साथ अपने अवैध कब्जे वाले कश्मीर को अति शीघ्र खाली करने को लेकर बात करे.

विदेश सचिव एस जयशंकर ने पाकिस्तानी विदेश सचिव ऐजाज अहमद चौधरी को लिखे पत्र में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से पाकिस्तान का अवैध कब्जा हटाने को लेकर पहली बार आधिकारिक तौर पर टिप्पणी की है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने नियमित ब्रीफिंग में पाकिस्तान से जुड़े सवालों पर कहा कि पाकिस्तानी विदेश सचिव को बुधवार को सौंपे गए पत्र में डॉ. जयशंकर ने कहा है कि उन्हें इस्लामाबाद आने का निमंत्रण स्वीकार है लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया है कि बातचीत में जम्मू-कश्मीर की स्थिति से जुड़े अधिक अहम पहलुओं पर पहले बात की जायेगी. विदेश सचिव ने लिखा है कि वह चौधरी के साथ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से शीघ्रातिशीघ्र पाकिस्तान का अवैध कब्जा हटाने को लेकर बात करना चाहते हैं.

स्वरूप ने बताया कि विदेश सचिव ने पाकिस्तानी विदेश सचिव को बातचीत के जो पांच बिन्दु गिनाए हैं, उनमें जम्मू-कश्मीर को निशाना बना कर पाकिस्तान द्वारा सीमापार आतंकवाद पर रोक लगाना, जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा हिंसा और आतंकवाद को भड़काना बंद करना, जम्मू-कश्मीर में हिंसा को सार्वजनिक रूप से शह देने वाले अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों को हिरासत में लेकर उन पर मुकदमा चलाना, पाकिस्तान में आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों को बंद करना जिनमें जम्मू-कश्मीर में हाल ही पकड़े गये बहादुरअली जैसे आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया जाता है तथा भारतीय कानून में भगोड़े करार दिए आतंकवादियों को समर्थन एवं पनाह देने से इनकार करना शामिल है.

 

प्रवक्ता ने बताया कि विदेश सचिव ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले और इस साल हुए पठानकोट एयरबेस हमले के दोषियों को सजा दिलाने की अहमियत रेखांकित करते हुए कहा है कि उनकी यात्रा के दौरान वह पाकिस्तानी विदेश सचिव से इन मसलों पर प्रगति के बारे में जानना चाहेंगे.

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के समक्ष भारत ने बातचीत के मुद्दों को बहुत स्पष्टता के साथ रख दिया है. उसमें किसी प्रकार की कोई अनिश्चितता नहीं है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बलूचिस्तान का उल्लेख किये जाने को भारत के ‘लाल रेखा’ (लक्ष्मण रेखा) लांघना कहे जाने पर स्वरूप ने उन्हें आड़े हाथों लिया और कहा कि पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से यह असाधारण बयान है. पाकिस्तान अपनी कूटनीति में तो कोई लक्ष्मण रेखा मानता नहीं है. सीमापार आतंकवाद और घुसपैठ इस पूरे क्षेत्र की समस्याओं की जड़ है और यह केवल भारत का दृष्टिकोण नहीं है, क्षेत्र के अन्य देश भी ऐसा ही मानते हैं.

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