‘देवदासी’ जैसी परंपरा के नाम पर मंदिर में लड़कियों को 15 दिनों तक रखते हैं निर्वस्त्र

Sep 26, 2017
‘देवदासी’ जैसी परंपरा के नाम पर मंदिर में लड़कियों को 15 दिनों तक रखते हैं निर्वस्त्र

देश में ऐसी न जाने कितनी लड़कियां और महिलाएँ हैं जिनका परंपरा के नाम पर शोषण किया जाता है। हर आये दिन उनके साथ हो रहे ज़ुल्म पर सब के सब खामोश रहते हैं। इन दिनों एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है। जहाँ हर साल परंपरा के नाम पर लड़कियों को दो हफ्तों तक मंदिर में टॉपलेस रखा जाता है।

बता दें कि इस परंपरा को तमिलनाडु के मदुरै स्थित मंदिर में किया जाता है। मदुरै के कलेक्टर के.वीरा राघव राव के बताने के मुताबिक “यह काफी पुरानी परंपरा है। घर वाले ही इसके लिए अपनी लड़कियों को भेजते हैं। मंदिर में लड़कियों को कपड़े पहनने के प्रशासन की ओर से बाद में निर्देश जारी किए गए, ताकि इस हालत में उनके साथ किसी प्रकार की छेड़खानी या दुर्व्यवहार न हो।” लेकिन इस से पहले मंदिर में लड़कियां बिना टॉप के 15 दिनों से थीं। वे देवी की तरह सजी थीं और उनके सीने पर एक भी कपड़ा नहीं था । उन्होंने सिर्फ कुछ आभूषण पहन रखे थे। मंदिर में इस दौरान वे पुजारी की देखरेख में थीं।

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आगे उन्होंने बताया कि “अधिकारियों की एक टीम मौके पर जांच-पड़ताल के लिए गई थी, लेकिन मंदिर में बच्चों के साथ किसी प्रकार के दुर्व्यवहार की बात सामने नहीं आई। कलेक्टर ने इस दौरान लोगों को निर्देश दिए हैं कि लड़कियों के शरीर परंपरा के दौरान पूरी तरह से ढंके हों।” इस इलाके में 60 से अधिक गांव इस परंपरा में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं, जिसमें किशोरियां देवी जैसे पूजी जाती हैं। इस में हैरानी वाली बात ये है कि लड़कियों के घर वाले खुद अपनी बेटियों को परंपरा के नाम पर बिना कपड़ों में रहने की इजाज़त दे देते हैं।

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देवदासी प्रथा बारे में बताया जा रहा है कि ये एक प्रतिबंधित धार्मिक परंपरा है। इसमें माता-पिता अपनी बेटी का ईश्वर या देवालय से विवाह इस उम्र में कर कर देते हैं, जब उन्हें शादी का मतलब भी पता नहीं होता है।

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