अगर 3 साल में दिलसुखनगर विस्फोट मामले की सुनवाई हुई तो अजमेर, मालेगांव, मक्का मस्जिद के मामले की सुनवाई क्यों नहीं पूरी हुई

Dec 21, 2016
अगर 3 साल में दिलसुखनगर विस्फोट मामले की सुनवाई हुई तो अजमेर, मालेगांव, मक्का मस्जिद के मामले की सुनवाई क्यों नहीं पूरी हुई

2013 में हैदराबाद के दिलसुखनगर में हुए दोहरे बम धमाके के मामले में सोमवार को स्पेशल एनआईए कोर्ट ने सभी को फांसी की सजा सुनाई गयी। इस पर ओवैसी ने कहा की एनआईए कोर्ट ने दिलसुखनगर बम धमाके के मामले को तीन साल में सुनवाई करके ख़त्म कर दिया। लेकिन एनआईए कोर्ट अजमेर ब्लास्ट, मालेगांव ब्लास्ट और मक्का मस्जिद बम धमाके के मामले को क्यों नहीं जल्दी सुनवाई करके ख़त्म करती।

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