प्राथमिकता में अमेरिका को, ट्रंप ने सबसे ऊपर रखने का संकल्प लिया

Jul 22, 2016

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवारी को औपचारिक रूप से स्वीकार करते हुए अमेरिकियों से उन्हें व्हाइट हाउस में चुनने की अपील की

इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका को प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखने का संकल्प लिया.
70 वर्षीय रियल एस्टेट दिग्गज ने स्वयं को ‘‘कानून व्यवस्था के लिए उम्मीदवार’’ करार दिया और आईएसआईएस को हराने का संकल्प लिया. उन्होंने मेक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने का संकल्प दोहराया और जोर दिया कि आतंकवाद के मामले पर समझौता करने वाले देशों से आव्रजन पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए.
ट्रंप ने ‘‘विनम्रता एवं कृतज्ञता’’ के साथ नामांकन स्वीकार करते हुए इस्लामी आतंकवाद एवं इस्लामिक स्टेट को हराने का वायदा किया लेकिन देश में मुस्लिमों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध के अपने पहले के रूख को थोड़ा नरम कर दिया.
ट्रंप ने कहा कि उनकी योजना अमेरिका को प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखने की है. मेरा सिद्धांत होगा: अमेरिकी पहले और दुनिया बाद में.
ट्रंप ने लोगों की तालियों की जोरदार गड़गड़ाहट के बीच कहा, ‘‘यदि ऐसे नेता हमारा नेतृत्व करते हैं जो अमेरिका को प्राथमिकता नहीं देते, तो हमें इस बात को लेकर आश्वस्त हो जाना चाहिए कि अन्य देश अमेरिका को वह सम्मान नहीं देंगे जिसका वह हकदार है.’’
उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा पर नस्ली आधार पर फूट के बीज बोने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘व्हाइट हाउस के इस मुकाबले में मैं कानून एवं व्यवस्था का उम्मीदवार हूं.’’
ट्रंप ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति पद का इस्तेमाल हमें नस्लों एवं रंगों में बांटने के लिए करने वाले हमारे राष्ट्रपति की गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी ने अमेरिका में ऐसा माहौल पैदा कर दिया है जो सभी के लिए खतरनाक है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा देश जिस अपराध एवं हिंसा से आज जूझ रहा है, वह जल्द ही, मेरा मतलब है कि बहुत जल्द ही, समाप्त हो जाएगी.’’
ट्रंप ने अपनी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन को अयोग्य करार दिया.
उन्होंने कहा, ‘‘हिलेरी क्लिंटन की विरासत है: मौत, विनाश, आतंकवाद एवं कमजोरी.’’
ट्रंप ने कहा कि यदि उन्हें नवंबर में होने वाले चुनाव में अमेरिका का राष्ट्रपति चुना जाता है तो वह आव्रजन प्रणाली को दुरस्त करेंगे ‘‘जो अमेरिकी लोगों के लिए काम करेगी.’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि जिन अमेरिकियों की आव्रजन सुरक्षा की मांगों को खारिज किया गया है और जिन नेताओं ने इसे खारिज किया है, वे आज रात मैं जो कहने जा रहा हूं, उसे ध्यान से सुनें. मेरे शपथ ग्रहण करने के बाद 21 जनवरी, 2017 को अमेरिकी एक ऐसे देश में जागेंगे जहां अमेरिका का कानून लागू होगा. हम सभी का ध्यान रखेंगे और हमारी अनुकंपा सभी पर रहेगी.’’
ट्रंप ने कहा, ‘‘लेकिन हमारी सबसे अधिक अनुकंपा संघर्ष कर रहे हमारे अपने नागरिकों पर होगी. मेरी योजना हिलेरी क्लिंटन की कट्टर एवं खतरनाक आव्रजन नीति के बिल्कुल विपरीत है. अमेरिकी अनियंत्रित आव्रजन से राहत चाहते हैं. समुदाय राहत चाहते हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘अवैध रूप से सीमा लांघने के मामले समाप्त होंगे. शांति पुन: स्थापित की जाएगी. अपने वीजा की अवधि से अधिक समय तक रहने वाले लाखों लोगों के लिए नियम लागू करके हमारे कानून अंतत: वह सम्मान हासिल करेंगे जिसके वे हकदार हैं.’’
ट्रंप ने पार्टी के नेशनल कन्वेंशन के दौरान अपने भाषण में कहा, ‘‘हमें हर ऐसे देश से होने वाला आव्रजन तत्काल रोक देना चाहिए जिसने आतंकवाद से समझौता किया है और ऐसा तब करना होगा जब तक वहां यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि इसे दुरुस्त करने के तंत्र अपना लिए गए हैं.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम उन्हें अपने देश में नहीं चाहते.’’
इससे पहले ट्रंप ने देश में मुसलमानों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील की थी जिसके कारण उनकी वैश्विक स्तर पर आलोचना हुई थी.
उन्होंने कहा, ‘‘हम आईएसआईएस के बर्बर लोगों को हराएंगे. फ्रांस एक बार फिर बर्बर इस्लामी आतंकवाद का पीड़ित बना है.’’
ट्रंप ने कहा, ‘‘पुरूषों, महिलाओं एवं बच्चों को क्रूर तरीके से मारा गया. जिंदगियां उजाड़ दी गईं. परिवारों को अलग कर दिया गया. एक देश शोक मना रहा है. वर्ल्ड ट्रंड सेंटर पर हमला, सान बर्नार्डिनो पर, बोस्टन मैराथन पर और टेनेसी के चट्टानूगा में सैन्य भर्ती केंद्र पर हुआ हमला- इस्लामी चरमपंथियों ने बार-बार नुकसान एवं विनाश किया है.’’
उन्होंने अमेरिका को आतंकवाद से बचाने के लिए त्रिआयामी रणनीति का प्रस्ताव रखा.
ट्रंप ने कहा, ‘‘हमारे पास दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खुफिया अभियान होने चाहिए. हमें राष्ट्र निर्माण एवं सत्ता परिवर्तन की उन असफल नीतियों को छोड़ना होगा जो हिलेरी क्लिंटन ने इराक, लीबिया, मिस्र एवं सीरिया में अपनाई हैं.’’
उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने उन सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना चाहिए जो आईएसआईएस को नष्ट करने एवं इस्लामिक आतंकवाद को नष्ट करने के लक्ष्य में हमारे साझीदार हैं.
ट्रंप ने कहा, ‘‘इसमें क्षेत्र में हमारे सबसे बड़े सहयोगी इजराइल के साथ काम करना शामिल है.’’
उन्होंने कहा कि हिंसा, घृणा या दमन का समर्थन करने वालों का अमेरिका में स्वागत नहीं है और न ही उनका स्वागत किया जाएगा.
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