मैं दलितों और आदिवासियों के विकास के लिए पागल हूं: पीएम मोदी

Sep 03, 2016
मैं दलितों और आदिवासियों के विकास के लिए पागल हूं: पीएम मोदी
पीएम नरेंद्र मोदी ने नेटवर्क 18 को दिए गए इंटरव्यू में देश के आर्थिक हालात, दलित-आदिवासियों के मुद्दे और आगामी चुनावों पर अपनी राय रखी है।
पीएम मोदी ने हाल के दिनों में दलितों पर हुए अत्याचार के मामले को गलत ठहराते हुए कहा कि जाति और धर्म की राजनीति करने वाले अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं दलितों और आदिवासियों के विकास के लिए पागल हूं। पीएम ने अपने इंटरव्यू में जीएसटी को आजाद भारत का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार कहा है।
सवा दो साल के अपने सफर को कैसे देखते हैं? इस सवाल पर पीएम ने कहा कि कभी-कभी मैं सोचता हूं कि जब सत्ता में आए तो देश की हालत सबको खोलकर बतानी चाहिए थी। इसका मुझे राजनीतिक तौर पर बड़ा फायदा होता। पीएम ने कहा, ‘पर मैंने राष्ट्रनीति से सोचा कि यह देश के लिए सही नहीं होगा। लोगों के अंदर नकारात्मक भाव आएगा। दुनिया में भी बेइज्जती होगी।’ पीएम ने कहा कि इसी वजह से मैंने काम करने को तरजीह दी। पीएम ने कहा कि यही वजह है कि आज दूसरों की गलतियों के लिए भी मुझे ही गाली पड़ती है।
पीएम ने अपनी उपलब्धियों पर भी प्रकाश डालने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘जब हम सत्ता में आए तो देश में निराशा का माहौल था। मेरी पहली कोशिश यह थी निराशा के माहौल को खत्म किया जाए।’ उन्होंने कहा कि आज दो साल बाद देश में निराशा का माहौल खत्म हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने देश की रेटिंग बढ़ा दी है।’ जीएसटी के सवाल पर पीएम ने कहा कि इसे वह देश का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार मानते हैं।
जीएसटी से आम आदमी को क्या फायदा मिलेगा? इस सवाल पर पीएम ने इसे लोगों से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। पीएम ने कहा, ‘आज के समय ज्यादातर लोग टैक्स इसलिए नहीं देते हैं क्योंकि प्रक्रिया कठिन होती है। जीएसटी के बाद यह प्रक्रिया इतनी आसान हो जाएगी कि सामान्य व्यक्ति भी टैक्स देने आगे आएगा। टैक्स की प्रक्रिया सरल होगी तो देश का रेवेन्यू भी बढ़ेगा। अविश्वास का माहौल भी खत्म होगा, साथ ही पारदर्शिता भी आएगी।’
पीएम ने इंटरव्यू में भारत की बढ़ती ताकत पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘जब हमने सत्ता संभाली तो इकॉनमी को लेकर नकारात्मक माहौल था। हमें आते ही आकाल से जूझना पड़ा। दुनिया में मंदी का दौर उभर कर आ गया। आने के बाद भी चुनौतियां रहीं। लेकिन इरादा नेक था, नीतियां स्पष्ट थीं, नीयत साफ थी, निर्णय करने का हौसला था। इसका परिणाम यह हुआ कि सकारात्मक वातावरण तेजी से बढ़ा। आजादी के बाद FDI रेकॉर्ड बढ़ी। दुनिया भी मान रही है कि भारत तेजी से बढ़ती इकॉनमी है।’
आगे बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘दुनिया भर की एजेंसियां मान रही हैं कि आज भारत काफी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। इस बार मौसम अच्छा है। बारिश अच्छी हुई है। आने वाले दिन बेहतर रहेंगे। आज हर क्षेत्र में चर्चा हो रही है।’
‘मेरे राज में सांप्रदायिक हिंसा, दलित-आदिवासियों पर अत्याचार कम हुए’
हाल के दिनों में दलितों पर हुए अत्याचार और आंदोलनों को लेकर भी पीएम ने जवाब दिए। पीएम मोदी ने कहा कि मेरे राज में सांप्रदायिक हिंसा हो या दलित भाई-बहनों पर अत्याचार हों या आदिवासियों पर हिंसा का मामला हो, पिछली सरकार की तुलना में कम हुए।
पीएम ने कहा कि लेकिन यह मसला नहीं कि पिछली सरकार से कम हुए। मसला यह है कि ऐसी चीजें सभ्य समाज को यह शोभा नहीं देती हैं। ये सारी सामाजिक समस्याएं है। इसकी जड़ें बहुत पुरानी हैं। अगर इन सवालों पर राजनीति करते जाएंगे तो उन समाजों का भी अहित करेंगे जिनके साथ सदियों से अन्याय हुआ है।
पीएम ने भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कहा, ‘हमने देश में उनके 5 तीर्थों पर स्मारक बनवाया। लोग तो मुझे अंबेडकर का भक्त बताने लगे। मोदी दलितवादी हैं, आदिवासियों के पीछे पागल हैं। मैं इस देश के दलित, पीड़ित, शोषित और वंचित आदिवासियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हूं, जो इनकी राजनीति करते हैं मैं उनके आड़े आ रहा हूं। वही अनाप-शनाप आरोप लगा रहे हैं। मैं समाज को भी कहना चाहूंगा कि ये सारी चीजें शोभा नहीं देती हैं।’
पीएम मोदी ने अपने इंटरव्यू में साफ किया कि चुनाव जहां भी हों उनका अजेंडा विकास ही है। पीएम ने कहा कि देश को भी भरोसा है कि हमारा मुद्दा विकास ही है।
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