सड़कों और फुटपाथों पर अवैध धार्मिक ढांचों को हटाया जाये : सुप्रीम कोर्ट

Apr 20, 2016

उच्चतम न्यायालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की खिंचाई की है.

वजह यह है कि उन्होंने शीर्ष अदालत के उस निर्देश का पालन नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि वे सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर अवैध धार्मिक ढांचों को हटाने की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए हलफनामे दायर करें.

शीर्ष अदालत ने इन्हें एक अंतिम मौका देते हुए दो सप्ताह के भीतर हलफनामा दायर करने के निर्देश दिए हैं.

ऐसा करने में विफल रहने पर संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को समय-समय पर खुद उच्चतम न्यायालय के समक्ष पेश होकर बताना होगा कि वे उसके विभिन्न निर्देशों का पालन करने में विफल क्यों रहे?

न्यायमूर्ति वी गोपाल गौड़ा और न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने इस मामले को मई के दूसरे सप्ताह के लिए स्थगित करते हुए कहा, हम इस तरह के व्यवहार को पसंद नहीं करते.

 

पीठ पहली बार में मुख्य सचिवों को समन करने वाला आदेश पारित करने वाली थी लेकिन विभिन्न राज्यों की ओर से लगाई गई याचिका के बाद उसने इसमें बदलाव कर दिया. अदालत 2006 में दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पहले ही राज्यों को ये निर्देश जारी किए थे कि वे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से पूजास्थलों समेत अनाधिकृत ढांचों को हटाएं.

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