संभल इज्तिमा- नमाज के बिना मुस्लमान का दीनी काम में कोई योगदान नहीं

Dec 27, 2016
संभल इज्तिमा- नमाज के बिना मुस्लमान का दीनी काम में कोई योगदान नहीं

उत्तर प्रदेश के संभल में हुए इज्तिमा के आखिरी दिन मौलाना साद कांधलवी ने तकरीर में सबसे ज्यादा जोर नमाज पर दिया। इज्तिमा में बताया गया कि अगर कोई मुसलमान नमाज नहीं पढ़ रहा है तो उसका दीनी काम में कोई योगदान नहीं है। बताया गया कि नमाज ही वो जरिया है, जिसके सहारे मुसलमान अल्लाह तआला के करीब आता है। पांच वक्त नमाज पढ़ने और नबी-ए-करीम की सुन्नतों पर अमल करने से जिंदगी में बदलाव आता है। नबी-ए-करीम (सल०) के बताए तरीके से नेक नीयत के साथ नमाज अदा करने से अल्लाह आपके लिए राजी हो जाता है।जिंदगी में अधिक से अधिक अल्लाह का जिक्र करें। दिखावे के लिए कोई काम न करें।

आखिर में दुआ कराई गई। दुनियावी जिंदगी को दीन के मुताबिक जीने और आखिरत को बनाने के लिए अल्लाह से तौफीक मांग रहे थे। इसके बाद दीनी तब्लीगों जमातों को दीनी बातों को लोगों के बीच ले जाने और दीन की दावत देने के लिए रवाना किया गया।

प्रदेश भर से लाखों मुसलमानों ने इज्तिमा में शिरकत की। जाम न लगे, इसके लिए दीनी इजेत्मा में पूरा इंतजाम किया गया। दुआ से पहले ही एलान लगाया गया था कि सबसे पहले पैदल वाले निकलेंगे। उनके लिए एक घंटे का समय मुकर्रर किया गया लेकिन पैदल वालों की तादात इतनी ज्यादा थी कि छह घंटे तक भी वाजिदपुरम से संभल-मुरादाबाद मार्ग को जोड़ने वाली सड़क खाली नहीं हुई।

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