अगर बात आनंद की नहीं गर्भ धारण की है, तो try करें ये सेक्स पोजिशन

Jul 08, 2017
अगर बात आनंद की नहीं गर्भ धारण की है, तो try करें ये सेक्स पोजिशन

संभोग करने से आनंद की प्राप्ति होती है लेकिन जब सवाल गर्भधारण का हो और दम्पत्ति सफल न हो रहे हो तो यही आनंद तनाव का कारण बन जाता है। कोई-कोई दम्पत्ति आसानी से गर्भधारण कर लेते हैं तो किसी को सालों तक बच्चे का इंतजार करना पड़ता है। तनाव भरे इस अवस्था से बाहर निकलने के लिए कुछ टिप्स पर ध्यान देने पर आप सेक्स का आनंद भी उठा पायेंगे और गर्भधारण का सुख भी भोग पायेंगे

गर्भधारण करने के कुछ तरीके

इस बारे में कई तरह के मिथक है जो आपको अपने दोस्तों और बड़ो से सुनने को मिलेगा। यहाँ गर्भधारण करने के कुछ बेसिक पद्धतियों के बारे में बताया गया है जिनका अनुकरण करने से आपको गर्भधारण का सुख भोगने में आसानी होगी।

अच्छी तरह से शुक्राणु का निवेश

प्रेम संबंध स्थापित करने के वक्त इस बात का ध्यान दें कि लिंग (penis) गर्भाशय के पास तक अच्छी तरह से जा सके। जिससे शुक्राणु इधर-उधर ना जा सके।

तनाव को दूर रखें

यह गर्भधारण करने का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य होता है। प्रेम संबंध स्थापित करने के पहले ऐसा कुछ भी काम न करें जिससे कि महिला का शरीर तनाव में आ जाये। इससे योनिमार्ग (vagina) सख्त हो जाता है और सेक्स करने का पूरा आनंद दोनों नहीं उठा पाते हैं। जब महिला सेक्स करने के वक्त तनाव में होती है तब उनके शरीर से एक प्रकार का एन्जाइम और हॉर्मोन का उत्पादन होता है

जो गर्भधारण करने की संभावना को 12% तक घटा देता है। इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए गहरी साँस लेने वाले योग का अभ्यास करना चाहिए। या अपने प्यार भरे स्पर्श के द्वारा महिला के शरीर और मन को सेक्स के लिए तैयार करने की कोशिश करनी चाहिए। पढ़े: योग दिलाता है तनाव से राहत

आनंद उठाये और कामोन्पाद(orgasm) तक पहुँचे

अपने हमसफर को कामोन्पाद के उस अवस्था तक पहुँचाये जिससे कि वह पूरा आंनद उठा सके। अपने हमसफर को खुश करने से गर्भाशय का मुँह खुल जाता है। दूसरा तरीका भी है जैसे, योनिमार्ग को लुब्रीकेट करने से गर्भाशय और योनिमार्ग संकुचित हो जाता है। इस प्रक्रिया के कारण शुक्राणु गर्भाशय के पास जा पाता है। पढ़े: हलासन के द्वारा कामेच्छा को करें जाग्रत

विशेष सेक्स पज़िशन

मिशनरी: यह सबसे आम पज़िशन होता है, लेकिन फ़ायदे अनेक होते है। इस पज़िशन में महिला लेटी रहती है और पुरूष उसके ऊपर होता है। इस अवस्था में शुक्राणु को गर्भाशय तक पहुँचने में आसानी होती है। पुरूष और स्त्री दोनों को संभोग का पूरा आनंद मिल पाता है। स्त्री इस अवस्था में पुरूष के संपर्क में ज़्यादा नजदीक आ पाती है।

ग्लोइंग ट्राइएंगल: यह पोज़ मिशनरी पोज़ का ही एक शाखा होता है। इस पजिशन में भी स्त्री लेटी हुई होती है और पुरूष उसके ऊपर होता है मगर फर्क सिर्फ इतना होता है कि पुरूष अपने पैरों को फैला देता है। स्त्री के कुल्हा और पास आ जाता है, सेक्स संबंध आसान करने के लिए कुल्हे के नीचे तकिया आदि रख सकते हैं। इस अवस्था में स्त्री पुरूष को और भी पास ला सकती है जिससे लिंग अच्छी तरह से गर्भाशय के पास जा पाता है। इस अवस्था में पुरूष ज़्यादा हिल नहीं पाता है जिससे गर्भधारण का काम आसान हो पाता है।

द रॉक एण्ड रोलर या एन्वील: यह भी मिशनरी के तरह ही होता है, इस अवस्था में भी लिंग गर्भाशय तक अच्छी तरह पहुँच पाता है। इस अवस्था में पुरूष स्त्री के ऊपर होता है और स्त्री अपने पैरों को पुरूष के सिर के ऊपर उठा देती है जिससे पुरूष अच्छी तरह से लिंग को योनिमार्ग में प्रवेश करा पाता है।

डॉगी स्टाइल: इस पजिशन को ज़्यादातर पुरूष बहुत पसंद करते हैं। यह अवस्था गर्भधारण के लिए भी लाभदायक होता है। यह स्टाइल लिंग के प्रवेश का अनुपात दूसरे स्टाइल के तुलना में बढ़ा देता है।

मैजिक माउन्टेन: यह पजिशन भी डॉग स्टाइल के तरह ही होता है। इस अवस्था में स्त्री झुककर खड़ी होती है। पुरूष पीठ के पीछे खड़ा होकर संभोग का सुख भोगता है। स्त्री शरीर के ऊपरी अंग को सही अवस्था में रखने के लिए तकिये का सहारा ले सकती है। इस अवस्था में गर्भधारण की संभावना बहुत हद तक बढ़ जाती है।

प्रेम संबंध स्थापित करने के बाद की प्रक्रिया

सेक्स संबंध स्थापित करने के बाद आलिंगनबद्ध (cuddle) होना भी इस क्रिया का ज़रूरी अंग होता है। महिलाएं ऐसा करने से अपने को साथी के ज़्यादा करीब महसूस करती है। इस प्रक्रिया से शरीर में डोपामीन(dopamine) नाम का हार्मोन निष्कासित होने लगता है जिस से स्त्री के शरीर से ऑक्सीटोसीन(oxytocin) नाम का हार्मोन निकलता है जो प्रजनन प्रक्रिया (reproductive cycle) के लिए लाभदायक सिद्ध होता है

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