देश की सबसे प्रतिष्ठित IAS सेवा में अतहर आमिर उल शफी खान ने दूसरा स्थान हासिल किया

May 11, 2016

लखनऊ.देश की सबसे प्रतिष्ठित आईएएस सेवा में दूसरा स्थान हासिल करने वाले अतहर आमिर उल शफी खान ने बताया कि उन्हें आईएएस बनने की प्रेरणा अपने दादा गुलाम अहमद खां से मिली।वह अनपढ़ जरूर थे, लेकिन उनकी इच्छा थी कि वह अपने पोते को अधिकारी बनाएं। इसके लिए वह नियमित रूप से अपने पोते के स्कूल में जाते और उसके रिपोर्ट कार्ड और रिजल्ट के बारे में टीचरों से पूछताछ करते थे

ऐसा रहा सेब के बागानों से आईएएस तक का सफर,ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से सीखी इंटरव्यू की बारीकियां

अतहर आमिर ने “जनता की आवाज़”  को बताया कि उनके दादा गुलाम अहमद खां के जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में सेब के बागाान हैं।

बचपन में आमिर भी सेब के बागानों में मस्ती करते थे।
उनका एडमिशन जम्मू कश्मीर के इकबाल मेमोरियल स्कूल में कराया गया।-उनके अनपढ़ दादा स्कूल जाकर आमिर के टीचरों से उनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट लिया करते थे।
उनके दादा ही उनकी प्रेरणा बने और आमिर ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया।
आमिर ने बताया कि इससे पहले वह 2014 में यूपीएससी परीक्षा में चयनित हुए थे लेकिन उनकी रैंक 560 होने की वजह से उन्हें आईआर टीएस कैडर मिला।
आमिर मौजूदा समय में आईआरटीएस के लखनऊ स्थित ट्रेनिंग इंस्टीटयूट से रेलवे अधिकारी की ट्रेनिंग कर रहे थे।
<दिसंबर मेंें वह यहां ट्रेनिंग करने आए और यहीं उन्होंने अपने साथियों के साथ इंटरव्यू की तैयारी की
वह यहां खुद ही आपस में माॅक इंटरव्यू करते थे और एक दूसरे की तैयारी को जांचते थे।
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