मुझे घर से निकाल दिया जाता है, जब मैं पीरियड में होती हूं

Jun 07, 2016

डेस्क । हमारे देश में भी पीरियड को लेकर लोगों के मन में अजीब- अजीब तरीके के मिथ होते हैं लेकिन किसी ने आज तक यह नहीं सोचा कि इन मिथ की वजहों से कितनी लड़कियों को क्या-क्या सहना पड़ता है। नेपाल में रह रहीं औरतों और लड़कियों के साथ जो पीरियड के दौरान बर्ताव किया जाता है वह तो कोई परायों के साथ भी नहीं करता है।
नेपाल के काठमांडू से 130 किलोमीटर दूप सिंधूली गांव की लड़कियों को पीरियड के दौरान बड़ी अजीबोगरीब कंडीशन से गुजरना पड़ता है। इसके पीछे वजह है छौपदी प्रथा। लड़कियों को पीरियड के दौरान कंघी-शीशे के इस्तेमाल से लेकर घर में रहने तक की मनाही होती है। नेपाल लड़कियों अपने इस दर्द और पाबंदियों को फोटोज के जरिए दिखाने की कोशिश की है।

क्या है छौपदी प्रथा
छौपदी का मतलब है अनछुआ। ये प्रथा सदियों से नेपाल में जारी है। पीरियड या डिलिवरी की वजह से लड़कियों को अपवित्र मान लिया जाता है। इसके बाद उन पर कई तरह की पाबंदिया लगा दी जाती हैं।

क्या-क्या लगाई जाती हैं पाबंदियां

  • -वह घर में नहीं घुस सकतीं।
  • -पेरेंट्स को छू नहीं सकती।
  • -खाना नहीं बना सकती और न ही मंदिर और स्कूल जा सकती हैं।
  • – सिर्फ नमकीन ब्रेड या चावल खाना खान हैं।
  • -इन्हे सैनेटरी पैड्स की जगह कभी कपड़े यूज करने के लिए भी कहा जाता है।
  • – हर साल के अगस्त में आने वाले ऋषि पंचमी फेस्टिवल में औरते नहाकर पवित्र होती हैं। साथ ही, अपने पापों की माफी भी मांगती हैं

हालांकि छौपदी को नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने 2005 में गैरकानूनी करार दिया था।
क्या है इस प्रथा को लेकर मिथ हिंदू धर्म से जुड़ी इस प्रथा का ना मानने पर लोगों के मन में कई सारे मिथ भी हैं। इस क्षेत्र में ऐसी धारणा है कि महिला द्वारा प्रथा को न मानने पर उसकी फैमिली में मौत हो सकती है।
पीरियड में अगर फसल को हाथ लगाया तो वह बर्बाद हो जाती है। खुद से पानी लेने  सूखा पड़ता है। फल का हाथ लगाया तो वह कभी नहीं पकेगा।

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