मैं अंबेडकर का भक्त, आपका हक कोई नहीं छिन सकता : नरेंद्र मोदी

Mar 21, 2016

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को डा. बाबा साहेब अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक का विज्ञान भवन में ऑनलाइन शिलान्यास किया.

प्रधानमंत्री ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि यह दुनिया के लिए आइकोनिक बिल्डिंग होगी. हमारी लिए यह प्रेरणा देने वाली होगी. हमें मानवता की सेवा करने के लिए प्रेरणा यहां से मिलेगी.

उन्होने कहा कि हमने बाबा साहेब को सिर्फ दलितों का मसीहा बनाकर उनके साथ अन्याय किया है. उनको सीमित न करें. वो हर तरह की लोगों की आवाज थे जो शोषित, पीड़ित हैं. जिस तरह से दुनिया मार्टिन लूथर किंग को देखती है, उसी तरह हम बाबा साहेब को देखें.

दिल्ली में बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर स्मारक की आधारशिला रखते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, हमें संविधान में जो मिला है वो जाति विशेष के रूप में नहीं मिला. वह अन्याय को खत्म करने के लिए मिला. मैं दो नेताओं का बेहद सम्मान करता हूं. इनमें एक सरदार पटेल हैं, जिन्होंने राजवाड़े में बंटे देश को एक किया. ऊंच-नीच का भाव जातिभाव का जहर था. सदियों से यह बीमारी हमारे बीच घर कर गयी. कोई शताब्दी ऐसी नहीं होगी कि हिंदू समाज की बुराइयों को खत्म करने एक महापुरुष नहीं आया. डॉ बाबा साहेब अंबेडकर का भी प्रयास इस दिशा में था.

डा. बाबा साहेब अंबेडकर राष्ट्रीय स्मारक उत्तरी दिल्ली के अलीपुर रोड पर पौने दो एकड़ से ज्यादा क्षेत्रफल में बनाया जायेगा. यह स्मारक तीन मंजिला होगा, जिसके मध्य में गुंबद होगा. भारतीय संविधान निर्माता डॉ अंबेडकर का परिनिर्वाण 26 अलीपुर रोड पर हुआ था. इसलिए उनके अनुयायी इस स्थान को पवित्र मानते हैं.

पीएम मोदी ने इसके शिलान्यास के बाद कहा कि 14 अप्रैल 2018 को इसका उद्घाटन करुंगा. यानी दो साल में यह स्मारक बन कर तैयार हो जायेगा.

मोदी ने कहा कि लेबर लॉ उन्ही की देन है मजदूर 12 -14 घंटे काम करता था उसे नहीं लगता था कि उसका भी कोई जीवन है लेकिन उन्होंने यह अहसास कराया कि उनका भी कोई जीवन हो सकता है. उन्होंने कार्य की सीमा तय की और 8 घंटे पर ले आये. अगर आप वैश्विक नेताओं की सूची बनायेंगे तो बाबा साहेब नंबर एक है. उस वक्त की उनकी सोच आज भी कितने सही थी. आज उनकी सोच का ही विस्तार हो रहा है. देखिये उर्जा के लिए किस तरह उन्होंने अपनी सोच सामने रखी और आज उसी का आधुनिक रूप है.

उन्होंने कहा कि हाल में ही लोकसभा में एक बिल लाया गया. जिसमें पानी, बिजली और जमीन के सही इस्तेमाल पर ध्यान दिया. आप यह मत सोचिये की मोदी सरकार ने क्या शानदार काम किया है इसका श्रेय भी उन्ही को जाता है. अगर उस वक्त उन्हें सरकार को सेवा करने का मौका मिलता तो यह काम 60 साल पहले हो गया होता. यह बताता है कि अगर 60 साल बाद उनका भक्त आता है तो काम कैसे होता है यह भी दिख गया. बाबा साहेब ने बीमारी का स्थायी इलाज दिया और कहा भाई शिक्षित बनों.

प्रधानमंत्री ने कहा,हमें कुछ लोग पसंद नहीं करते. हमारी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार होता है. पिछले 60 सालों में कोई काम नहीं हुआ और आज हम अपने काम के दम पर यहां हैं . अटल बिहारी वाजपयेयी की सरकार के वक्त भी झुठ प्रचारित करने की कोशिश की गयी थी. कई राज्यों में हम शासन कर रहे हैं कहीं किसी को कोई परेशानी नहीं है.

आरक्षण को लेकर भी मोदी ने कहा कि मैंने पहले ही कहा है आपका हक कोई नहीं छिन सकता. देश की परंपरा को गाली देने वाले लोगों के यह जानना चाहिए कि वो हमारी पुरातन सभ्यता को समर्थक थे.  बाबा साहेब अंबेडकर अपने आर्थिक चिंतन में हमेशा करते थे  कि भारत में औद्योगिकरण की वकालत करते थे. वह दोनों की सोचते थे लेबर की भी और उद्योग की भी.

 

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