सोना धरती पर कैसे आया

Feb 03, 2017
सोना धरती पर कैसे आया

आपको पता है की सोना एक धातु तत्व है. जो सोना शुद्ध होता है. वह काफी चमकदार होते है. और उस सोने का रंग भी पीले रंग का होता है यह रंग बहुत ही आकर्षण रंग है. यह धातु बहुत ही कीमती और प्राचीन काल से सिक्के बनाने, आभूषण बनाने या धन के संग्रह के लिए हम सब इसका प्रयोग करते आ रहे है . सोना घना मुलायम चमकदार सर्वाधिक संविज्य एवं तनय धातु है. रासायनिक रूप से यह एक तत्व है. यह एक अंतरवर्ती धातु है. अधिकांश रसायन इससे कोई क्रिया नहीं करते. सोना का तेज़ जो है वह पुराने काल से चला आ रहा है.

क्यों की हमारे पूर्वज भी सोने का बहुत सम्मान करते थे. यह एक पूज्यनीय धातु है. सोना का प्रयोग अधिकांश हम आभूषण के लिए किया करते थे. सोना और उसके भस्म जो होते है उसका औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है. हमारे इतिहास में सोना को विविध प्रकार से आभूषण को बनाने के लिए कई तरह की बात कही गयी है क्यों की इस कला का पुराने समय में अच्छा ज्ञान था .

कुछ लोगों ने दावे किये है की उन्होंने ऐसे गुरु का ज्ञान पा लिया है .जिसके माध्यम से वे सोने को बना सकते है जैसे की लोहा को सोना बना सकते है ये सब बाते और कोशिश बाद में व्यर्थ हो गयी कोई भी कामयाबी नहीं प्राप्त हुई. ये सब खोखले वाडे और बातें निकली .

किसी भी पदार्थ पर हम सोना चढ़ा सकते है जैसे यांत्रिक तथा रासायनिक साधनों के माध्यम से सोना चढाया जा सकता है. यह कला हमारे भारत की बहुत ही पुरानी कला हैमाना जाता है की पुराने ज़माने में अधिक मोटी पत्ती-पत्तिया का प्रयोग किया जाता था. जैसे की पूर्वी देशो में सजावट करने की कला में इसका प्रमुख स्थान है. और आज भी मंदिरों में उनके गुम्बजो तथा राजमहलो की शोभा या सुन्दरता को अधिक बढ़ने के लिए यह कला विशेषकर अपनाई जाती है. हमारे भारत में आज भी जिस विधि से सोना चढाया जाता है इसके प्रचीनता का एक सुंदर उदहारण है.

आधुनिक गिल्डिंग में तरह तरह की विधिया प्रयोग में लाते है इनसे हम हर प्रकार का सोना चढ़ा सकते है जैसे तस्वीरों के फ्रेम में , किताबो के ऊपर लगने वाले कवर में ,धातुओं के अबरण में, सोने की बटन बनाने में ,प्रिंटिंग तथा विद्युत् आवरण, और मिटटी के बर्तन, पेसिर्लेंन कांच तथा कांच की चूड़िया की सजावट  आदि पर सोना चढाया जाता है. बहुघा लाल ताप पर धातूओं की सतह पर ब्र्निशेर से सोने की पत्तियों को दबाकर चिपका देते है फिर गरम करके जरुरत हुई तो और भी पतियाँ चिपका सकते है .और इसको दुसरे ढंग से पारे में प्रयोग किया जाता है. जब यह सोना चांदी पर चढाया जाता है तो सोना चढ़ाने के लिए सोने का अमलराज में इसे विल्यम बना लेते है और फिर कपडे की सहायता से विल्यम को धात्विक सतह पर फैला देते है.

और इसके बाद इसे जला देते है और चांदी से चिपकी काली तथा भारी भस्म को चमड़े तथा उँगलियों से रगड़कर चमकीला बना लेते है. सोने का उत्खनन भारत में बहुत प्राचीन समय से हो रहा है दसवी के पूर्व इसका उत्खनन पर्याप्त मात्रा में हुआ था सोना बहुत ही मूल्यवान धातु माना जाता है इसीलिए यह पुरे विश्व में बहुत ही कम जगह पर मिलता है. इस तरह से धरती पर सोना आया और उसका उपयोग भी बहूत तरीके से किया गया

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>