हिंदुस्तान, हिंदुओं का देश है लेकिन दूसरे धर्म वालों का भी है : आरएसएस प्रमुख

Oct 28, 2017
हिंदुस्तान, हिंदुओं का देश है लेकिन दूसरे धर्म वालों का भी है : आरएसएस प्रमुख

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुस्तान, हिंदुओं का देश ज़रूर है लेकिन इसका मतलब ये बिलकुल भी नहीं है कि यहां पर रहने वाले दूसरे धर्म के लोग नहीं है।

बता दें कि उन्होंने शुक्रवार को कॉलेज जाने वाले आरएसएस स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि “हिंदुस्तान हिंदू राष्ट्र है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि देश दूसरे धर्म वालों का नहीं है। जो भारतीय हैं, जिनके पूर्वज इस भूमि के हैं, सब हिंदू ही कहलाएंगे, इसलिए इसे हिंदुत्व कहा जाता है, हिंदूज्म नहीं।”

उन्होंने इंदौर के चिमनबाग मैदान में महाविद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों के कार्यक्रम ‘शंखनाद’ में बोलते हुए कहा कि ‘जिस तरह जर्मनी, जर्मन लोगों का देश है। ब्रिटेन, अंगेजों और अमेरिका, अमेरिकियों का देश है बिलकुल इसी तरह हिंदुस्तान भी हिंदुओं का देश है लेकिन इसका ये कतई मतलब नहीं है कि यह दूसरे धर्म के लोगों का देश नहीं है।’ उन्होंने आगे कहा कि ‘हिंदू का मतलब है भारत मां की संतानें। यानी भारतीय पूर्वजों के वे वंशज, जो भारतीय संस्कृति के अनुसार रहते हैं।’ उन्होंने देश के बारे में बात करते हुए कहा कि ‘कोई भी नेता या पार्टी अकेले देश को महान नहीं बना सकता इसके लिए समाज को भी प्रयास करना होगा।’

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लेकिन इस बीच भागवत ने इशारों में कई स्थानों पर बल के इस्तेमाल से बदलाव की कोशिश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी डंडे के बूते परिवर्तन नहीं हो सकता। भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए आचरण, विचार, दृष्टि में बदलाव लाना होगा। हम उस दिशा में तेजी से बढ़ भी रहे हैं।

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