हिन्दी फिल्म में आतंकबाद या उम्रदराज अभिनेत्रियों के लिए भूमिकाएं नहीं: हेमा मालिनी

Mar 13, 2016

अभिनेत्री हेमा मालिनी का मानना है कि हॉलीवुड की तुलना में हिन्दी फिल्म जगत में उम्रदराज अभिनेत्रियों के लिए अवसरों की कमी है.

हॉलीवुड में सभी उम्र की महिला कलाकारों के लिए भूमिकाएं लिखी जाती हैं.

अपने सुनहरे करियर के दौरान 150 से अधिक फिल्मों में काम कर चुकी हेमा का कहना है कि वह अब भी पर्दे पर कई तरह की भूमिकाओं को साकार कर सकती हैं लेकिन अच्छी भूमिकाएं मिलने में मुश्किल होती है.

67 वर्षीय अभिनेत्री ने बताया, ‘‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उम्रदराज अभिनेत्रियों की अच्छी भूमिकाओं वाली फिल्में बनती हैं लेकिन यहां ऐसा नहीं होता. वे ऐसी फिल्म में निवेश नहीं करना चाहते हैं क्योंकि फिल्म निर्माण करना काफी खर्चीला है. ऐसे में वे हमारे साथ जोखिम मोल क्यों लेंगे? यह समस्या है. कोई भी मेरे पास अच्छी भूमिका लेकर नहीं आता.’’

उन्होंने कहा, ‘मेरिल स्ट्रिप बेहतरीन काम कर रही हैं. वह मेरी ही उम्र की हैं. मैं भी काफी कुछ कर सकती हूं लेकिन मुझे उसके लिए अवसर की जरूरत है.’’

मथुरा से भाजपा की सांसद, अभिनेत्री अंतिम बार बड़े पर्दे पर अमिताभ बच्चन अभिनीत ‘आरक्षण’ (2011) में एक अतिथि भूमिका में नजर आयी थी. अब वे रमेश सिप्पी की ‘शिमला मिर्ची ’में दिखाई देंगी.

 

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