दिल्‍ली-एनसीआर में डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए बना कंट्रोल रूम

Aug 25, 2016
दिल्‍ली-एनसीआर में डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए बना कंट्रोल रूम

नयी दिल्‍ली। केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जेपी नड्डा द्वारा डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया बीमारियों के प्रकोप की ताजा स्थिति की उच्‍चस्‍तरीय समीक्षा किये जाने के बाद बुधवार को दिल्‍ली में चिकनगुनिया और डेंगू की रोकथाम के लिए विभिन्‍न एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा करने हेतु एक बैठक आयोजित की।

दिल्‍ली सरकार, दिल्‍ली नगर निगमों, एनडीएमसी और दिल्‍ली छावनी बोर्ड के प्रतिनिधि एवं वरिष्‍ठ अधिकारीगण भी इस बैठक में उपस्थित थे। चिकनगुनिया की रोकथाम एवं इसे काबू में रखने के लिए विभिन्‍न एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा की गई।

दिल्‍ली- एनसीआर में चिकनगुनिया और डेंगू के मामलों की बढ़ती संख्‍या को ध्‍यान में रखते हुए सचिव (स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण) ने नगर निगमों और दिल्‍ली सरकार के अधिकारियों से अगले दो महीनों के दौरान सतर्क रहने और चिकनगुनिया की रोकथाम एवं जागरूकता बढ़ाने के लिए आवश्‍यक कदम उठाने का आग्रह किया, ताकि इस स्थिति से पूरी मुस्‍तैदी के साथ निपटा जा सके तथा इसके और गंभीर रूप लेने से बचा जा सके।

केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री द्वारा दिए गए निर्देश के अनुरूप दिल्‍ली सरकार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) और नगर निगमों से अपनी आईईसी संबंधी गति‍विधियों में बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने को कहा। स्‍वास्‍थ्‍य सचिव को इस अवसर पर यह जानकारी दी गई कि गैर प्रतिरक्षा आबादी के कारण ही दिल्‍ली में चिकनगुनिया मामलों की संख्‍या हाल में बढ़ गई है, जबकि विगत वर्षों में चिकनगुनिया के मामलों की संख्‍या अपेक्षाकृत कम थी।

वेक्टर मच्छर की बहुतायत, बड़े पैमाने पर निर्माण गति‍विधियों, जल भंडारण के चलन और लोगों की बढ़ती आवाजाही के साथ-साथ लोगों का रवैया भी मौजूदा स्थिति के लिए जिम्‍मेदार है। डेंगू की तुलना में मच्‍छरों में ऊष्मायन अवधि अपेक्षाकृत छोटी रहने के कारण ही चिकनगुनिया का प्रकोप बढ़ जाता है। स्‍वास्‍थ्‍य सचिव को यह जानकारी दी गई कि दिल्‍ली में इस स्थिति पर नजर रखने के लिए मंत्रालय में नियंत्रण कक्ष बनाया गया है।

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