मोदी चले थे IIM बनवाने और उनके ही वनमंत्रालय ने नहीं दी मंजूरी

Oct 16, 2016
मोदी चले थे IIM बनवाने और उनके ही वनमंत्रालय ने नहीं दी मंजूरी
फॉरेस्ट क्लियरेंस न मिल पाने के कारण पीएम मोदी अपने ड्रीम प्रोजेक्ट की आधारशिला रखने की हसरत नहीं पूरी कर सकेंगे।  शिमला के नाहन स्थित धौला कुआं इलाके में आईआईएम बनाया जाना है। मोदी अपने हाथों से नींव रखना चाहते थे। इसके लिए खोजी गई जमीन को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से फॉरेस्ट क्लियरेंस नहीं मिली। जिससे अब जब 18 अक्तूबर को मोदी हिमांचल प्रदेश के दौरे पर आएंगे तो महज मंडी में तीन बिजली परियोजनाओं का ही शुभारंभ कर सकेंगे।
एनओसी मिले बगैर नहीं हो सकता निर्माण
अगर वन या पहाड़ी इलाकों में किसी विकासीय परियोजना की शुरुआत की जाती है तो केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र(एनओसी) जरूरी है। मंत्रालय टीम से संबंधित स्थल का निरीक्षण कराकर रिपोर्ट लेता है कि वहां पर निर्माण से कहीं पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचने की तो आशंका नहीं है। अगर ऐसी कोई बात नहीं है तो मंत्रालय एनओसी सर्टिफिकेट जारी करता है। जिसके बाद ही प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारा जा सकता है। दरअसल पहाड़ी और वनीय क्षेत्रों में अंधाधुंध निर्माण से पेड़ कटते हैं। जिससे हरियाली नष्ट होने से पर्यावरण पर बुरा असर पड़ता है। भूस्खलन सहित अन्य तमाम आपदाओं की भी आशंका होती है। यही वजह है कि एनओसी की सख्त व्यवस्था है।
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