कन्हैया बोले कि वह नहीं आयेगे मुख्यधारा की राजनीति में

Mar 05, 2016

राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर लगाई जा रही अटकलों के बीच जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया ने कहा कि मुख्यधारा की राजनीति में जाने या चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है.

देशद्रोह के आरोप का सामना कर रहे पीएचडी छात्र ने यह भी कहा कि संसद पर हमले का दोषी अफजल गुरू भारत का नागरिक था और उसे मिली मौत की सजा पर बहस ‘‘वैध’’ है.

कन्हैया ने कहा कि उनका आदर्श अफजल गुरू नहीं बल्कि रोहित वेमुला है .

गौरतलब है कि हैदराबाद केंद्रीय विश्विद्यालय (एचसीयू) के दलित छात्र रोहित ने खुदकुशी कर ली थी.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कोई नेता नहीं हूं . मैं छात्र हूं . मुख्यधारा की राजनीति में शामिल होने या कोई चुनाव लड़ने का मेरा कोई इरादा नहीं है .’’

कन्हैया ने कहा, ‘‘मैं एक छात्र के तौर पर सवाल करना चाहता हूं और भविष्य में एक शिक्षक के तौर पर जवाब देना चाहूंगा . लिहाजा, मेरी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से जुड़े सवालों को किनारे रखना चाहिए .’’

उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘देश के लोगों ने मुझे वोट नहीं दिया है…यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मुझे वोट दिया है . मैं देश का राष्ट्रपति नहीं, जेएनयू छात्र संघ का अध्यक्ष हूं . मैं सिर्फ उनके लिए और उनकी बात करूंगा .’’

कन्हैया ने कहा, ‘‘मेरे लिए अफजल गुरू देश का एक नागरिक था जिसे कानून के तहत सजा दी गई . सजा गलत थी या सही थी, कोई भी इस पर बहस कर सकता है क्योंकि कानून इसकी इजाजत देता है . गुरू मेरा आदर्श नहीं है . मेरा आदर्श रोहित वेमुला है .’’

29 साल के कन्हैया ने कहा, ‘‘मेरा काम पढ़ना है और उनके लिए लड़ना है जो पढ़ना तो चाहते हैं लेकिन पढ़ने में सक्षम नहीं हैं . लड़ाई लंबी होने की वजह से इस पर कोई जीत का मार्च नहीं बल्कि एकता मार्च हो सकता है .’’

जेएनयू को संचालित करने में करदाताओं के पैसे बर्बाद होने की टिप्पणियों पर कन्हैया ने कहा, ‘‘मैं देश के लोगों को बताना चाहता हूं कि उनका पैसा बिल्कुल सही जगह पर निवेश किया जा रहा है .’’

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘मैं राष्ट्रवाद का पेटेंट कराने और एबीवीपी एवं समाज के एक तबके की ओर से प्रचारित अखंड भारत की अवधारणा के खिलाफ हूं .’’

नीतीश, केजरीवाल सहित कई गैर-भाजपा नेताओं ने की कन्हैया की तारीफ

जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने अपने ‘‘आजादी’’ वाले भाषण से गैर-भाजपा नेताओं की खूब तारीफ बटोरी है . अपने भाषण में कन्हैया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा .

कन्हैया की तारीफ करते हुए गैर-भाजपा नेताओं ने आज जोर देकर कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा है वह सही है . इन नेताओं ने कहा कि कन्हैया उन लोगों से ज्यादा राष्ट्रवादी हैं जो उन पर देशद्रोह का आरोप लगा रहे हैं .

तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद जेएनयू परिसर पहुंचे 29 साल के कन्हैया ने गुरुवार रात अपने 66 मिनट के भाषण में जमकर चुटकियां ली और तंज कसे . बहरहाल, भाजपा नेताओं को कन्हैया का भाषण जरा भी रास नहीं आया .

भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि वह ‘‘मुफ्त में प्रचार का आनंद’’ ले रहे हैं . नायडू ने यह भी कहा कि विविद्यालय के छात्रों को राजनीति करने की बजाय पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए .

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गरीबी और असहनशीलता से आजादी की कन्हैया की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यह ‘‘प्रतिभाशाली’’ युवा नेता उन लोगों से ज्यादा राष्ट्रवादी हैं जो उन पर देशद्रोह के आरोप लगा रहे हैं .

पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में नीतीश ने कहा, ‘‘जेल से रिहाई के बाद जेएनयू में कन्हैया कुमार का भाषण बहुत प्रभावी है…उन्होंने जो भी कहा, सही कहा .’’

जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश ने कहा, ‘‘कन्हैया कुमार ने कहा कि हम भारत से आजादी नहीं बल्कि भारत में आजादी की बात करते हैं और इस बाबत आजादी मांगते हैं .’’

अपने विचार प्रभावी तरीके से रखने के लिए कन्हैया की तारीफ करते हुए नीतीश ने कहा, ‘‘कन्हैया कुमार ने अपना नजरिया सामने रखा कि भूख, गरीबी और असहनशीलता से आजादी मिलनी चाहिए .’’

नीतीश ने कहा, ‘‘यह साबित करता है कि हमारी नई पीढ़ी में बहुत क्षमता है . ऐसे प्रतिभावान छात्र और युवा के आगे आने से देश में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी .’’

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