कारागार मंत्री ने कैदियों की भूख हड़ताल करायी समाप्त

Sep 14, 2016
कारागार मंत्री ने कैदियों की भूख हड़ताल करायी समाप्त
प्रदेश के कारागार मंत्री श्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने केन्द्रीय कारागार में भूख हड़ताल पर बैठे बन्दियों के बीच ढाई घण्टे पारिवारिक माहौल में गले मिलकर उनकी समस्याओं को गहनता के साथ सुना और आश्वस्त किया कि उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जायेगी। कारागार मंत्री ने कहा कि जिन कैदियों को 14 वर्ष हो गये हैं उनके प्रकरणों को तेजी से निस्तारण हेतु सन्दर्भित करें जब उनके द्वारा कोई जघन्य अपराध न किया हो। शारीरिक रूप से अशक्त बंदियों के लिये भी उन्होंने नियमानुसार तत्परता के साथ  कार्यवाही के  निर्देश दिये।
कारागार मंत्री ने कहा कि आजीवन कारावास वालों की रिहाई मा0 सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अन्तर्गत जिस पीठासीन अधिकारी द्वारा सजा दी जाती है वहीं से संस्तुति लेना जरूरी होती है, जिससे इस प्रक्रिया में बहुत वक्त लगता है। मंत्री जी ने बताया कि वे स्वयं 19 सितम्बर को गृहमंत्री भारत सरकार को पत्र लिखकर मिलने का समय लेंगे जिससे कैदियों की समस्याओं के निस्तारण में आ रही कठिनाईयों के बारे में केन्द्र सरकार मा0 सुप्रीम कोर्ट जाकर अपनी बात रखें, जिससे रिहाई में होने वाली कठिनाईयों के निस्तारण में राह आसान होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश स्तर पर गठित कमेटी इस बात पर गहनता से विचार करेगी जिससे कानूनी तौर पर मा0 सुपीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना न हो। उन्होंने बताया कि इस कमेटी की माह में एक बार बैठक होती है, जिसको अब हर हफ्ते में बैठक करनी होगी।
मंत्री जी ने एडीजी कारागार उ0प्र0 से कहा कि 80 वर्ष से ऊपर के जो बन्दी हैं उनके सभी कागजात 21 दिन में मंगवा लें, और हर पत्र का संज्ञान लेकर, गहन मन्त्रणा कर पूरी हमदर्दी के साथ मानवीय दृष्टिकोण के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत करें जिससे उनकी रिहाई की प्रक्रिया पर विचार किया जा सके। उन्होंने इस सम्बन्ध में बहुत तेजी के साथ कार्य कराने के लिए निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि इसके पश्चात 70 वर्ष पार कर चुके उम्र के बन्दियों की रिहाई तथा जिन महिलाओं की उम्र 65 वर्ष पूर्ण हो गयी है और उन्होंने कोई जघन्य अपराध न किया हो, ऐसे प्रकरणों को भी प्राथमिकता के आधार पर तैयार कराने के निर्देश दिये ।
कारागार मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी हमदर्दी से कैदियों के साथ है। हड़ताल करने वाले कैदियों को किसी भी प्रकार से बदले की भावना के साथ प्रताड़ित नहीं किया जायेगा। बंदियों की ओर से सुझाये गये दो एनजीओ के सदस्यों के साथ मंत्रणा भी होगी। जिससे बंदी लोग अपनी बात खुल कर कह सकें। उन्होंने विभिन्न कैदियों से एक-एक कर के सभी की समस्याओं को सुना और उनके हर सम्भव सहयोग के लिये अश्वस्त किया। भूख हड़ताल के कारण जो बंदी अस्पताल में भर्ती थे उनसे जाकर मंत्री जी ने उनकी समस्याओं को सुना।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में जो कार्य किये जा रहे हैं सभी लोग  उनकी कदर करें। उन्होंने बताया कि जेल में पीसीओ की सुविधा भी करायी गयी है जिसे बंदी अपने परिजनों से बात कर सके। बंदियों के लिये कूलर भी लगवाये गये है। जिससे भीषण गर्मी में बंदियों को राहत मिली है। इसके अतिरिक्त मुलाकात शुल्क 5 रूपये को भी समाप्त कर दिया गया है।
बैठक के दौरान एडीजी कारागार उ0प्र0 जीएल मीणा, जिलाधिकारी गौरव दयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा0 प्रीतिन्दर सिंह, डीआईजी कारागार शरद कुलश्रेष्ठ, वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी, जेल अधीक्षक जिलाकारागार राजीव शुक्ल, अपर नगर मजिस्ट्रेट रोहित यादव, प्रदेश महामंत्री जेल एसोशियेसन प्रमोद कुमार,  जेल विजीटर आगरा दलजीत सिंह कथूरिया,  जेल विजीटर मथुरा मनोज गोयल, राना रंजीत सिंह, सहित कारागार विभाग के विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।
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