हार्दिक के भाई रवि पटेल वीडियो में 30 लाख लेते दिखाई दे रहे है, ‘पास’ के सभी कन्वीनर्स ने चुप्पी साधी

Sep 08, 2016
हार्दिक के भाई रवि पटेल वीडियो में 30 लाख लेते दिखाई दे रहे है, ‘पास’ के सभी कन्वीनर्स ने चुप्पी साधी

पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के भाई रवि पटेल का एक कथित वीडियो सामने आने से पाटीदार समुदाय में खलबली मच गई है। इस वीडियो में रवि एक बिजनेसमैन से 30 लाख रुपए लेते नजर आ रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने यह पैसा आंदोलन खत्म करने के लिए गुजरात सरकार से समझौता करवाने के एवज में लिया। यह वीडियो हार्दिक और सरकार के बीच समझौता करवाने की कोशिश करने वाले बिजनेसमैन मुकेश पटेल ने ही जारी किया है। मुकेश पटेल का दावा है कि गुजरात सरकार से समझौता करने के लिए हार्दिक पटेल ने ही उनसे इस रकम की डिमांड की थी। पैसे लेने के लिए हार्दिक ने ही रवि को उनके घर भेजा था। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि रवि रुपए गिनने के बाद बंडल को अपने बैग में रखते हैं। बता दें कि राजद्रोह के आरोप में जब हार्दिक पटेल सूरत की जेल में बंद थे, तो रवि ही हार्दिक के लिए रोज टिफिन लेकर जेल जाया करता था।

‘पास’ के कन्वीनर्स ने चुप्पी साधी, वीडियो को लेकर पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति (पास) के सभी कन्वीनर्स ने चुप्पी साध रखी है। के रिपोर्टर्स ने कई कन्वीनर्स से वीडियो के बारे में बात करनी चाही, लेकिन किसी ने भी कुछ कहने से मना कर दिया।

रवि वाॅट्सऐप पर रोज भेजता था मैसेज, मुकेश पटेल का यह भी कहना है कि हार्दिक ने पाटीदार समाज का अपमान किया है। वह रुपए का लालची है और अपने फायदे के लिए उसने पूरे समाज को गुमराह किया। उनका आरोप है कि हार्दिक के कहने पर ही रवि मुझे रोजाना वॉट्सऐप मैसेज भेजता था। मेरे पास इसके भी सबूत हैं। अब हार्दिक समाज को उलटा चश्मा पहनाना बंद कर दे, तो ठीक रहेगा।

हार्दिक ने किया आरोपों से इनकार, अपने भाई का वीडियो सामने आने पर हार्दिक पटेल ने कहा कि डेढ़ महीने पहले ही जेल से बाहर आया हूं और कोर्ट के आदेश पर गुजरात से बाहर राजस्थान में हूं। अगर किसी व्यक्ति या मेरे रिश्तेदार ने पैसों का लेन-देन किया हो, तो उसमें मेरा कोई कसूर नहीं है। मैंने किसी से भी किसी तरह की सौदेबाजी नहीं की।

क्या है पटेल-पाटीदार कम्युनिटी का आंदोलन?
पटेल-पाटीदार कम्युनिटी सरकारी नौकरियों और कॉलेजों में 10% रिजर्वेशन की मांग कर रही थी। इस मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन की अगुआई हार्दिक पटेल ने की। पिछले साल जुलाई-अगस्त में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। 31 साल के बाद राज्य में इस पैमाने पर कोई आंदोलन हुआ था। महीनों चले आंदोलन के बाद गुजरात सरकार ने अगड़ी जातियों को आर्थिक आधार पर 10% रिजर्वेशन देने का एलान किया।
इस रिजर्वेशन को गुजरात हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। गुजरात सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट के आदेश पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा रखा है।

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