पत्रिका की वेबसाइट हैक कर, हैकर ग्रुप ने EVM में गड़बड़ी का किया दावा, कोड्स लीक करने की चेतावनी

Mar 17, 2017
पत्रिका की वेबसाइट हैक कर, हैकर ग्रुप ने EVM में गड़बड़ी का किया दावा, कोड्स लीक करने की चेतावनी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी की आशंका जताई तथा चुनाव परिणाम को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। मायावती के इस दावें को पुरे विपक्ष ने समर्थन किया हैं। हालाँकि उस समय चुनाव आयोग ने मायावती की मांग को ठुकरा दिया था। वही मायावती के अलावा, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी की आशंका के बाद दिल्ली में होने वाले MCD चुनाव को कांग्रेस और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बैलेट पेपर से कराने की मांग की हैं।

इसी बीच एक चौकाने वाली खबर सामने आयी है। पत्रिका ने अपने वेबसाइट पर एक खबर डाली है जिसमे दावा किया जा रहा है। की Legion नाम के एक हैकर ग्रुप ने वेबसाइट हैक कर ईवीएम में गड़बड़ी के सबूत पेश किया है। इस हैकर ग्रुप ने यह भी दावा किया है कि अगर निर्वाचन आयोग और सीबीआई ने ईवीएम में गड़बड़ी की जांच नहीं की तो वे ईवीएम कोड्स को सार्वजनिक कर देंगे। हमारी टेक्नीकल टीम पूरे मामले की जांच कर रही है।

पत्रिका लिखता है की शुक्रवार दोपहर के बाद अचानक हमारी वेबसाइट हैक कर एक खबर को एडिट कर लीजन ग्रुप ने लिखा, “यूपी विधानसभा चुनाव में ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ की गई थी। भारत में जो ईवीएम मशीन है इनमें कोई खास सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। ना ही इनका कोई प्रोग्राम कोड है। इन मशीनों के प्रोग्राम कोड को अपने हिसाब से बदलकर नतीजों को प्रभावित करना बेहद आसान है।

हैकर ग्रुप ने बकायदा समझाया है कि ये कैसे हो सकता है। हैकरो का कहना है कि जिस तरह से मोबाइल को डेवलपर मोड पर लेने के लिए दो बटन को एक साथ दबाया जाता है ठीक उसी तरह ईवीएम मशीन के प्रोग्राम को भी तैयार किया गया है। मशीन में एक विशेष मोड शुरू करने के बाद 100 वोट पड़ने के बाद दो बटन को एक साथ दबाया गया है। ऐसा करने से प्रोग्राम बदला गया और सारे वोट बीजेपी को पड़ गए। अंतिम वोट पड़ने के बाद उस मोड को बदल दिया गया।

हैकर ग्रुप का कहना है कि अगर उनकी बात का यकीन नहीं हो रहा है तो चुनाव आयोग ईवीएम से छेड़छाड़ के मामले की जांच सीबीआई से करा सकता है। जांच नहीं होने पर हैकर्स ने वॉर्निंग दी है कि निर्वाचन आयोग के कई कम्प्यूटर उनके पास है। और उन्होंने कहा है की वे इवीएम कोड्स को सार्वजनिक कर देंगे। ये वही हैकर ग्रुप है जो दिसंबर साल 2016 में 74 हजार चार्टर्ड अकाउंटेंटस के खाते और मेल को लीक करने का दावा किया था।

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