गुलबर्ग सोसायटी मामला: SIT अदालत ने दोषी ठहराए गए 24 मुजरिमों को सुनाई सजा

Jun 17, 2016

गुजरात की एक विशेष एसआईटी अदालत ने गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार कांड में दोषी ठहराए गए 24 मुजरिमों को शुक्रवार को सजा सुनाई.

अदालत ने 11 दोषियों को मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके अलावा 12 अन्य दोषियों को सात-सात साल कैद, जबकि एक को 10 साल कारावास की सजा सुनाई गई.

इस मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफरी समेत 69 लोगों की हत्या कर दी गई थी.

विशेष अदालत के न्यायाधीश पीबी देसाई ने अभियोजन, बचाव पक्ष के साथ-साथ पीड़ितों के वकील ने दलीलें पूरी होने के बाद सोमवार को घोषणा की थी कि सजा शुक्रवार को सुनाई जाएगी.

इससे पहले दो जून को अदालत ने हत्या और अन्य अपराधों के लिए 11 लोगों को दोषी ठहराया था जबकि विहिप नेता अतुल वैद्य समेत 13 अन्य हल्के अपराधों के तहत दोषी ठहराए गए थे.

अदालत ने इस मामले में 36 अन्य को बरी कर दिया था. बड़े अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए लोगों में मुख्य आरोपियों में एक कैलाश धोबी भी शामिल है जिसने 13 जून को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण किया जब न्यायाधीश ने सजा सुनाने पर सुनवाई पूरी कर ली.

धोबी को 2002 में गिरफ्तार किया गया था और इस साल फरवरी में अस्थायी जमानत पर रिहा होने के बाद फरार हो गया था.

सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित एसआईटी का प्रतिनिधित्व कर रहे लोक अभियोजक आरसी कोडेकर ने अदालत से कहा था कि 24 दोषियों को मृत्युदंड या जीवन पर्यंत कारावास से कम सजा नहीं सुनाई जानी चाहिए.

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