गुजरात: गोरक्षकों के बाद पुलिस का कहर, 700 दलितों पर FIR

Aug 10, 2016

नई दिल्ली। गुजरात के उना में दलित अत्याचार के विरोध में एकजुट हुए लोगों की रैली के दौरान एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने 700 दलितों पर केस दर्ज कर लिया। पुलिस द्वारा की गई मनघड़ंत एफआईआर के विरोध में अमरेली शहर में सैकड़ों दलित भूख हड़ताल पर बैठे हैं। पुलिसकर्मी की मौत 19 जुलाई को पुलिस वाहन से गिरने के दौरान हुई थी। पुलिस एफआईआर में उन लोगों को भी शामिल किया गया है जो कि उस रैली में मौजूद ही नहीं थे।
अमरेली से मिली जानकारी के अनुसार इसमें बहुत सारे ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं जो कि उस वक्त उस शहर में ही मौजूद नहीं थे। रजनीकांत मकवाना ने बताया कि उस दिन वे बीजेपी सांसद के साथ दूसरे शहर में कार्यक्रम में शामिल थे। पुलिस ने उनपर भी हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। इस घटना के बाद पुलिस ने महिलाओं को भी बुरी तरह से पीटा था। पुलिस की पिटाई के बाद कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस मामले में जानकारी देते हुए राजू सोलंकी ने लिखा है….
उना-कांड के विरोध में गुजरात के अमरेली शहर में रैली निकली थी. एक पुलिस कर्मी गिरने से मर गया. पुलिस ने 700 दलितों पर केस दर्ज किया. पेशे से वकील करसन राठौड़ रैली निकली तब कोर्ट में दलीलें कर रहे थे, उनका नाम FIR में है.
साथी कांति वाला को main accused बनाया है. कांति एक बहादुर नवजवान है, जिसने वडली अत्याचार के खिलाफ जान की बाजी लगाई थी.

कल हजारों दलित अमरेली में अनशन पर बैठे. सभी साथियों को सलाम.
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