GST पर संसद की मुहर, लोकसभा ने 443 मतों से मंजूरी दी

Aug 09, 2016

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) संबंधी संविधान संशोधन विधेयक सोमवार को व्यापक चर्चा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चर्चा में हिस्सा लेने के साथ ही लोकसभा से भी पारित हो गया.

इसके साथ ही संसद की अब इस विधेयक पर मुहर लग गयी. राज्यसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी थी.

सोमवार को लोस में मौजूद सभी 443 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया. देश में अब नई परोक्ष कर पण्राली के लिए मार्ग प्रशस्त हो गया है. सरकार ने इसे कर आतंकवाद खत्म से मुक्ति की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया तथा इसके तहत कर दर को यथासंभव नीचे रखने की बात कही.

लोकसभा ने सोमवार संविधान के 122वां संशोधन विधेयक पर सरकार द्वारा लाए गये संशोधनों को शून्य के मुकाबले 443 मतों से मंजूरी दे दी. अन्नाद्रमुक ने सदन से वाकआउट किया. राज्यसभा इस संविधान संशोधन विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है. यह विधेयक पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका था किन्तु उच्च सदन में सरकार द्वारा लाये गये संशोधनों के कारण इसे फिर से निचले सदन की मंजूरी दिलवानी पड़ी.

 

बहस में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को ‘ टैक्स आतंकवाद ’ से मुक्ति की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इसके लागू होने से छोटे उद्योगों और उद्यमियों को फायदा होगा तथा उपभोक्ता‘ किंग’ बनेगा.

जीएसटी से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर लोकसभा में चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए मोदी ने कहा कि यह किसी दल या सरकार की विजय नहीं है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की उच्च परम्पराओं और सभी दलों की सामूहिक विजय है. सभी सरकारों के योगदान से यह संभव हो पाया है. उन्होंने कहा कि इससे यह साबित हुआ है कि राष्ट्र नीति राजनीति से ऊपर होती है.

उन्होंने जीएसटी को पारदर्शिता तथा परिवर्तन की दिशा में टीम इंडिया द्वारा उठाया गया एक बड़ा कदम बताया. जीएसटी प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्णा कदम है और इससे कम से कम एक लाख 40 हजार करोड़ रुपए की उस फिजूलखर्ची की बचत होगी जो प्रक्रियाओं की बाधाओं की वजह से खर्च हो जाता है.

मोदी ने कहा कि जीएसटी भ्रष्टाचार और काले धन को समाप्त करने में बहुत कारगर साबित होगा. इससे 7 से लेकर 12 या 13 प्रकार की कर व्यवस्थाएं समाप्त हो जाएगीं.

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