ग्राफ पेपर में खामी के कारन विद्यार्थियों बानी उलझन

Mar 06, 2016
दसवीं कक्षा की गणित परीक्षा में ग्राफ पेपर में खामी ने विद्यार्थियों को उलझन में डाल दिया है। छात्रों के अनुसार ग्राफिक प्रश्न को हल करने के लिए बोर्ड द्वारा उत्तर पुस्तिका के साथ मुहैया करवाए गए ग्राफ पेपर की लाइनें इतनी नजदीक थीं कि दिखाई तक नहीं दे रहीं थी। ऐसे में उनके लिए प्रश्न को हल करना मुश्किल हो गया।

हालांकि, कई स्कूलों ने अपने स्तर पर ग्राफ पेपर की व्यवस्था कर प्रश्न को हल करवाया। लेकिन, कई स्कूल ग्राफ पेपर मुहैया नहीं करवा पाए होंगे। ऐसे में इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ेगा। विज्ञान अध्यापक संघ ने शिक्षा बोर्ड से मांग की है कि इसके एवज में विद्यार्थियों को ग्रेस मार्किंग दी जाए।

जानकारी के अनुसार आज सुबह के सत्र में हुए दसवीं कक्षा के गणित की परीक्षा में एक प्रश्न ग्राफ से संबंधित था। प्रश्न को ग्राफ पेपर में हल किया जाना था। इसके लिए उत्तर पुस्तिका के साथ एक-एक ग्राफ पेपर भी मुहैया करवाए गए। लेकिन, कई सेंटरों जो ग्राफ पेपर मुहैया करवाया गया उसमें लाइनें बेहद नजदीक थी।

कई ग्राफ पेपर तो ऐसे लग रहे थे मानों लाइनें है ही नहीं। मामला उप निदेशक रवि जम्बाल के पास पहुंचा तो उन्होंने सभी स्कूलों को इसकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि स्कूलों में ग्राफ पेपर मुहैया करवाने को कहा गया था। जबकि शिक्षा बोर्ड के सचिव विनय धीमान ने कहा कि ग्राफ पेपर में कई बार दिक्कत रह जाती है।

इस बारे सभी जिलों को पहले सी ऐसी परिस्थितियों में दूसरे ग्राफ पेपर का इंतजाम करने के आदेश हैं। उधर, विज्ञान अध्यापक संघ के प्रवक्ता शिव नड्डा ने बताया कि यह प्रश्न साढ़े तीन नंबर का था।

हालांकि, कई परीक्षा केंद्रों में स्कूल प्रबंधन ने ग्राफ पेपर मुहैया करवाए हैं। लेकिन, कई स्कूलों में इनका प्रबंध नहीं हो पाया। लिहाजा, संघ की मांग है कि इस प्रश्न के ग्रेस मार्क दिए जाएं।

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