गोधरा कांड: हाईकोर्ट ने 11 दोषियों की फांसी की सजा उम्रकैद में बदली, 59 परिवारों को 10 लाख देने के आदेश

Oct 09, 2017
गोधरा कांड: हाईकोर्ट ने 11 दोषियों की फांसी की सजा उम्रकैद में बदली, 59 परिवारों को 10 लाख देने के आदेश

2002 में गुजरात के गोधरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में हुई आगजनी के मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए इस मामले में 11 दोषियों के फांसी की सज़ा को उम्रकैद में बदल दिया है। जबकि 20 दोषियों की उम्रकैद की सज़ा को बरकरार रखा है। कोर्ट के इस फैसले के बाद ये तो साफ हो गया है कि गोधरा कांड में अब किसी को फांसी नहीं होगी।

बता दें कि हाईकोर्ट के अनुसार राज्य सरकार कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने में नाकाम रही थी। इसी लिए कोर्ट ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख का मुआवजा और घायलों को भी मुआवजा देने का आदेश दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 27 फरवरी 2002 में गुजरात के गोधरा स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस की S-6 बोगी में आग लगा दी गई थी। सुबह 7 बजकर 57 मिनट पर हुई इस घटना में अय़ोध्या से लौट रहे 59 कार सेवकों की जलकर मौत हो गई थी। इस मामले में एसआईटी की विशेष अदालत ने 1 मार्च 2011 को 31 लोगों को दोषी करार दिया था। जबकि 63 को बरी कर दिया था। 11 दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई जबकि 20 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

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उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने एसआईटी की विशेष अदालत की ओर से आरोपियों को दोषी ठहराए जाने और बरी करने के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। सरकार ने कहा था कि दोषियों को दी गई सजा कम है, साथ ही जिन लोगों को बरी किया गया है उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जबकि दोषियों ने अपील की थी कि उन्हें न्याय नहीं मिला है।

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