बार-बार टॉयलेट जाना, देता है परेशानी का संकेत

Apr 15, 2016

कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम बना रहे हों लेकिन सबसे पहले यह देखना कि उसके आस-पास कोई बाथरूम या रेस्टरूम है या नहीं। थोड़ी-थोड़ी देर में यूरीनेशन के लिए बाथरूम जाना या कहीं बाहर जाने में घबराहट महसूस होना किसी परेशानी के ओर इशारा करते हैं। ऐसा होने के कई कारण हो सकते हैं जोकि गंभीर से लेकर सामान्य भी हो सकते हैं।

यदि आप पी रहे हों अधिक पानी

आप कितनी मात्रा में पानी पी रहे हैं आपका बाथरूम ट्रिप काफी हद तक उस पर भी निर्भर करता है। विशेषज्ञ का मानना है कि दिनभर में 8 बार यूरीनेशन के लिए जाना सामान्य है, इसके बाद भी रात में एक बार बाथरूम जाने के लिए उठना पड़ता है तो उसे भी सामान्य की श्रेणी में रखा जाएगा। यदि आपको अपने पानी के इंटेक और बाथरूम जाने की संख्या असामान्य महसूस हो तो उसके लिए डायरी मेंटेन कर सकते हैं।

ब्लैडर का आकार छोटा हो सकता है

अधिक बार बाथरूम जाने वाले लोग अक्सर यह कहते हुए मिल जाते हैं कि उनका ब्लैडर छोटा है। वैसे शारीरिक रूप से हर इंसान अलग-अलग होता है, कुछ लोग लंबे होते हैं तो कुछ का कद छोटा होता है। कई लोगों का ब्लैडर 2 कप तरल संभाल सकता है।

यदि आप लगातार बाथरूम जा रहे हैं लेकिन उससे कम मात्रा में तरल का निर्माण हो रहा हो तो उसे सामान्य नहीं माना जाएगा। जिन लोगों का ब्लैडर छोटा होता है वे अपने ब्लैडर को और अधिक तरल रोके रखने की ट्रेनिंग दे सकते हैं। यदि ब्लैडर पूरी तरह भरा हो तो उसके समय को थोड़ी देर तक और बढ़ाया जा सकता है।

इस तरह कर सकते हैं ब्लैडर को ट्रेंड

एक या दो दिन तक हर 30 मिनट पर यूरीनेशन के लिए जाएं, भले ही आपको जाने की जरूरत महसूस न हो।
इसके बाद एक या दो दिन तक इस समय में 15 मिनट और जोड़ें।
इस तरह लगातार इस अवधि में 15 मिनट का समय जोड़ते जाएं और अपने ब्लैडर को ट्रेंड करें।
कम मात्रा में पी रहे हों पानी

यदि कोई पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहा है तो इससे यूरीन अधिक गाढ़ा हो जाता है। इसकी वजह से ब्लैडर की संवेदनशीलता और अधिक बढ़ जाती है, जिससे यूरीनेशन के लिए बार-बार जाना पड़ता है। आप जितनी मात्रा में पानी पीते हैं उतना अधिक ब्लैडर को यूरीन होल्ड करने की ट्रेनिंग दे पाते हैं।

इन्फेक्शन या किडनी स्टोन होने की स्थिति में

यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन और किडनी स्टोन्स दोनों ही स्थितियों में ब्लैडर को असहजता महसूस होती है, इससे बार-बार बाथरूम जाने की जरूरत महसूस होती है। इन दोनों ही समस्याओं के साथ अन्य परेशानियां भी साथ-साथ नजर आती हैं। आमतौर पर किडनी स्टोन के कारण पीठ वाले हिस्से में या साइड में दर्द महसूस होता है।

दवाएं भी हो सकती हैं वजह

हाई ब्लड प्रेशर के उपचार के लिए भी कई दवाएं ऐसी ली जाती हैं, जो मूत्रवर्द्धक होती हैं। इसकी वजह से किडनी तुरंत ही अधिक मात्रा में यूरीन का निर्माण करने लगती हैं। एंक्जाइटी और डिप्रेशन के इलाज के लिए ली जाने वाली कुछ दवाओं की श्रेणी ऐसी है जिसमें ब्लैडर पूरी तरह से खाली हो जाता है, इसकी वजह से रोगी को बार-बार यूरीन पास करने की जरूरत महसूस होने लगती है। डायबिटीज की स्थिति में भी रोगी को बार-बार बाथरूम जाने की जल्दी रहती है।

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