गीता को भारत आये हुआ एक साल से ज्यादा, नही मिला माता पिता का कोई सुराग

Nov 01, 2016
गीता को भारत आये हुआ एक साल से ज्यादा, नही मिला माता पिता का कोई सुराग

7-8 साल की उम्र में गीता पाकिस्तानी रेंजर्स को समझौता एक्सप्रेस में लाहौर रेलवे स्टेशन पर मिली थी। गलती से सरहद पार कर पहुंचने वाली इस लड़की को पाकिस्तान की ईधी फाउंडेशन की बिलकिस ईधी ने गोद लिया और अपने साथ कराची में रखा था। पिछले साल 26 अक्तूबर को अपने देश वापसी के बाद से यह युवती स्थानीय गैर सरकारी संस्था मूकबधिर संगठन के आवासीय परिसर में रह रही है। संस्था की संचालक मोनिका पंजाबी वर्मा ने बताया, गीता को अपनी वास्तविक जन्मतिथि मालूम नहीं है। इससिये हमने उसकी घर वापसी की तारीख (26 अक्तूबर) को उसकी जन्मतिथि मान लिया गया है। वो इसलिए की गीता भी अपना जन्म दिन मना सके।

मोनिका ने बताया की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 23 अक्तूबर को यहां गीता से मुलाकात की और आदेश दिया की सरकार इस युवती के माता-पिता की खोजने के प्रयास तेज करते हुए दीपावली के बाद उसे रेल से कुछ स्थानों की यात्रा कराएँगे। हालाँकि उन जगहों के नामों का खुलासा तो नहीं किया। लेकिन बताया कि ये वे जगहें है, जो उसके मूल निवास स्थान के बारे में सांकेतिक भाषा में उसके दिए ब्यौरे से कुछ़़ कुछ मेल खाती हैं।

गीता गैर सरकारी संस्था के आवासीय परिसर में तब तक रहेगी, जब तक सरकार उसके परिवार को खोज नहीं लेती।

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