शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने के फैसले में लड़की भी जिम्मेदारः हाई कोर्ट

Jan 21, 2017
शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने के फैसले में लड़की भी जिम्मेदारः हाई कोर्ट
शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के एक मामले में  बॉम्बे हाई कोर्ट ने अहम फैसला दिया है। रेप के आरोपी एक्स ब्वॉयफ्रेंड को जमानत देते हुए हाई कोर्ट ने कहा है कि शादी करने का वादा प्रलोभन के तौर पर नहीं देखा जा सकता। हाईकोर्ट ने  रेप के एक मामले में 21 साल के युवक को गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत देते हुए कही।  युवक पर ब्रेकअप के बाद उसकी एक्स गर्लफ्रेंड ने रेप का केस दर्ज कराया है।
शादी का वादा ही धोखा नहीं
जस्टिस मृदुला भटकर ने कहा कि एक पढ़ी-लिखी लड़की जो अपनी मर्जी से शादी से पहले लड़के से संबंध बनाती है, उसे अपने फैसले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। जस्टिस भटकर ने कहा, ‘अगर कोई धोखा देकर लड़की की सहमति हासिल करे तो वहां प्रलोभन की बात समझ में आती है। प्रथम दृष्टया यह मानने के लिए कुछ सबूत तो होने चाहिए कि लड़की को इस हद तक झांसा दिया गया कि वह शारीरिक संबंध बनाने को राजी हो गई। इस तरह के मामलों में शादी का वादा प्रलोभन नहीं माना जा सकता।’
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