नमामि गंगे के तहत IIT कानपुर ने गोद लिये गंगा किनारे बसे पांच गांव

Aug 18, 2016

नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिये आईआईटी कानपुर ने गंगा नदी के किनारे बसे शहर के पांच गांवों को गोद लिया है.

आईआईटी केवल इन गांवों की सफाई व्यवस्था, स्वच्छ पानी की व्यवस्था और यहां का गंदा पानी गंगा नदी में न जायें इसके लिये गांव वालों को जागरूक करेंगी.

कानपुर के जिन पांच गांवों को आईआईटी ने गोद लिया है उनमें रमेल नगर, ख्योरा कटरी, प्रतापपुर, हरी हिंदपुर और कटरी लोधवा खेड़ा गांव शामिल हैं. यह सभी गांव कानपुर में गंगा नदी के किनारे बसे हैं.

आईआईटी कानपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर और नमामि गंगे प्रोजेक्ट से जुड़े प्रो विनोद तारे ने गुरुवार को बताया कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाए जाने के लिये गंगोत्री से गंगासागर तक बसे शहरों के सभी 13 शिक्षण संस्थानों (एजुकेशनल इंस्टीटयूशन) को पांच पांच गांव गोद लेने की बात कही गयी है. इसी के तहत आईआईटी कानपुर जो कि गंगा के किनारे बसा है उसने भी पांच गांव गोद लिये हैं.

इन गांवों को आदर्श गांव बनाये जाने की योजना है. इसके तहत इन गांवों के पानी की जांच की जायेंगी और वहां लोगों को साफ पानी पीने के लिये मिले इसके लिये प्रयास किये जायेंगे. यहां की नालियों में गंदगी युक्त पानी नहीं बहेगा बल्कि बारिश का पानी बहेगा. इसके लिये प्रयास किये जायेंगे. ऐसे शौचालय बनाये जायेंगे जिससे गंदगी बाहर न निकले. गांव का गंदा पानी गंगा नदी में न जायें इसके लिये प्रयास किये जायेंगे.

उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत इन सभी पांच गांवों के सभी लोगों को इसमें जोड़ा जाएगा और उन्हें गंगा के बारे में जागरूक किया जाएगा. विशेषतौर पर गांव के युवक युवतियों को इस काम में लगाया जायेंगा.

इन पांच गांवों के ग्राम प्रधानों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों के साथ बैठके की जा रही हैं . शीघ ही इस कार्ययोजना को लागू किया जाएगा.

 

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